Tuesday, March 22, 2011

एक दिवसीय सेमिनार का उदघाटन

हिसार
        गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का उदघाटन जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल ने किया जबकि दिल्ली स्कूल आफ इकनामिक्स के पूर्व अधिष्ठाता प्रो डी पी एस वर्मा विशिष्ट अतिथि थे । इस अवसर पर हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस के डायरेक्टर प्रो एस सी कुण्डू , डीन, हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस, प्रो बी के पूनिया, प्रो एच एल वर्मा,  प्रो एम एस तुरान, प्रो उषा अरोडा, प्रो आर के गुप्ता, डा0 टीका राम, विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, शिक्षकगण, शोधकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित थे। यह सेमिनार इंडियन काउँसिल आफ सोशल साईंस रिसर्च ने प्रयोजित किया है

    प्रो सी एस नागपाल ने कहा कि समय की मांग है कि शिक्षण संस्थानों को बाजार की मांग को मददेनजर रखते हुए अपने विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि समाज से बेरोजगारी दूर की जा सके व उद्योग जगत को उच्चकोटि के कर्मचारी उपलब्ध हो सके । उन्होंने चिन्ता जताई कि भारत में शिक्षण संस्थानों व उद्योगों के बीच तालमेल कमजोर है । प्रो नागपाल ने सुझाव दिया कि देश में इंडियन एजुकेशन सर्विस की परीक्षाएं होनी चाहिए ताकि होनहार शिक्षक  विश्वविद्यालयों में आकर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर सकें ।   देश में गुणवतात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निजी क्षेत्र की भागेदारी की आवश्यकता है
प्रो डी पी एस वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने चुनिंदा विषय में अच्छी व नवीनतम संस्करण वाली किताबें पढनी चाहिए और पुस्तकालय नियमित रूप से जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि शोध सच्चाई के साथ करना चाहिए और शोध के डाटा से छेडखानी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे परिणाम बदल जाते हैं ।  प्रो वर्मा ने कहा कि अध्यापक शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी करें ।
प्रो एस सी कुंडू  ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य होते हैं और अध्यापक की एक विशेष भूमिका है कि वह अपने विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारी उपलब्ध करवाये ताकि उसके पढाये हुए विद्यार्थी अपने कार्यक्षेत्र में कार्य को कुशलता से करें  । उन्होंने कहा कि अध्यापक का समाज के प्रति एक बहुत बड़ा कर्तव्य है और आज के विद्यार्थियों की अध्यापकों से उम्मीदें बहुत हैं।  उन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अध्यापक को नवीनतम जानकारी विद्यार्थियों को देनी चाहिए ताकि विद्यार्थी आज की जरूरतों के हिसाब से अपने आप को सक्षम साबित कर सकें।
    प्रो बी के पूनिया ने कहा कि अब विश्व अर्थव्यवस्था की मांग है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थी को सक्षम बनाये और इसके लिए विद्यार्थी व अध्यापक को अपने पठन पाठन में अन्तर्राष्टीय विषयों को शामिल करना चाहिए । आर्गेनाईजिंग सैकरेट्री डा टीका राम ने बताया कि सेमिनार में तीन तकनीकी सत्र हुए जिसमें मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तïृत चर्चा हुई ।
फोटो कैप्शन :
फोटो-1
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस में मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में डीन, हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस, प्रो बी के पूनिया जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए ।
फोटो-2 व 3
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस में मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में प्रो एस सी कुण्डू, प्रो बी के पूनिया, दिल्ली स्कूल आफ इकनामिक्स के पूर्व अधिष्ठाता प्रो डी पी एस वर्मा व जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल सम्बोधन करते हुए ।
फोटो-4
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस में मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में अध्यापकगण व शोधकर्ता ।

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