Sunday, April 3, 2011

बाबा कृपाल सिंह एक सादे व उच्च विचार के धनी व्यक्ति थे

सिरसा
     कालांवाली के नजदीक गांव पक्कां शहीदां के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री हजूर साहिब पक्का शहीदां के मुख्य सेवादार संत श्री बाबा कृपाल सिंह की आज अंतिम अरदास संपन्न हुई। मुख्य सेवादार संत श्री बाबा कृपाल सिंह बीती 23 मार्च को अपनी 96 वर्ष की आयु को पूर्ण करके सतगुरु के चरणों में लीन हो गए, जिनकी अंतिम अरदास व श्रद्धाजंलि आज अखंड पाठ के भोग द्वारा संपन्न की गई। इस मौके पर श्री निर्मलसर गुरुद्वारा तिलोकेवाला के बाबा संत बाबा गुरमीत सिंह जी ने बताया कि बाबा कृपाल सिंह एक सादे व उच्च विचार के धनी व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गुरुद्वारा व संगत की सेवा में अर्पित किया। जिन्होंने 15 वर्ष की आयु में ग्रंथी पद को ग्रहण करके इस क्षेत्र की संगत को गुरु के मार्ग व दर्शन के बारे में बताया। उन्होंने अपना पूरा जीवन अमृत वेला में आसा दी वार से पूरी संगत को प्रतिदिन निहाल किया। उन्होंने गुरुओं व संतों की वाणी का प्रतिदिन पाठ किया व गुरुद्वारा की नि:स्वार्थ सेवा की है। इस अंतिम अरदास में धूड़कोट पंजाब से आए बाबा अवतार सिंह ने गुरुवाणी के शब्दों से संगत को गुरु की भक्ति से जोड़े रखा। इस मौके पर ढाडी जत्थों ने गुरुओं की वाणी का गुणगान किया। इस मौके पर कालांवाली के विधायक चरणजीत सिंह रोड़ी, गुरुथड़ी पंजाब से बाबा बूटा सिंह, मलड़ी से बाबा प्रीतम सिंह, चोरमार से बाबा कर्म सिंह, देसूखुर्द से बाबा कुंदन सिंह व एस.जी.पी.सी. मैम्बर उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment