Thursday, April 7, 2011

पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा

सिरसा, 06 अप्रैल।  जिला में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे महिलाएं ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी साथ ही साथ महिलाओं में और अधिक आत्मविश्वास व मनोबल बढ़ेगा।
    यह जानकारी देते हुए उपायुक्त श्री युद्धबीर सिंह ख्यालिया ने बताया कि महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण देने के लिए योजना तैयार की जा रही है। प्रशिक्षण के लिए स्थानीय अधिकृत आटो कंपनियों का सहयोग लिया जाएगा जो महिलाओं व लड़कियों को उनके कार्यस्थल या शिक्षण संस्थानों में जाकर प्रशिक्षण देने का कार्य करेंगी।
    उपायुक्त ने बताया कि प्रशिक्षणार्थी महिलाओं के प्रशिक्षण फीस की आधी राशि जिला प्रशासन द्वारा पिछड़ा क्षेत्र योजना के तहत वहन की जाएगी। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों से संबंधित महिलाओं एवं लड़कियों के प्रशिक्षण की 75 प्रतिशत फीस उक्त योजना के तहत वहन की जाएगी यानी बीपीएल की महिलाओं को प्रशिक्षण फीस की 25 प्रतिशत राशि ही देनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के प्रथम दौर में जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तरों पर स्थानीय अधिकृत दो-दो आटो कंपनियों से समझौता किया जाएगा जो जिला में ड्राइविंग प्रशिक्षण देने का कार्य सुचारु रुप से करेंगी।
    श्री ख्यालिया ने बताया कि ड्राइविंग के क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार के साधन तो उपलब्ध होंगे ही साथ ही साथ महिलाओं में आगे बढऩे की भावना भी जागृत होगी। उन्होंने बताया कि ऐलनाबाद के मनीराम झोरहड़ राजकीय महाविद्यालय में पढऩे वाली छात्राओं को महाविद्यालय तक भेजने के लिए आसपास के क्षेत्रों में बस सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए जितनी भी बसों की जरुरत महसूस होगी विभिन्न रुटों पर आसपास के क्षेत्रों में बस व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी।
    उपायुक्त ने बताया कि ऐलनाबाद के महिला महाविद्यालय में पढऩे वाली छात्राओं की संख्या का पता लगाया जा रहा है कि किन-किन गांवों से कितनी-कितनी छात्राएं महाविद्यालय में आ रही है। उनके अनुसार ही विभिन्न रुटों पर बस की व्यवस्था की जानी है। ये बसें समिति के माध्यम से चलाई जाएगी जो छात्राओं की सुविधा को देखते हुए नो लॉस-नो प्रोफिट के आधार पर यातायात की सुविधाएं प्रदान करेंगी। इसके अलावा उक्त बीआरजीएफ योजना के तहत जिला में लिंगानुपात में और ज्यादा सुधार करने के लिए कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।
639 महिलाओं को ऋण एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई
सिरसा
, 06 अप्रैल। जिला के शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रुप सशक्त बनाने और रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिला शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से 65 लाख 93 हजार रुपए की राशि खर्च करके 639 महिलाओं को ऋण एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई।
    यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती पंकज चौधरी ने बताया कि लघु उद्यम स्थापना एवं स्वरोजगार हेतु चलाई जा रही व्यक्तिगत ऋण की योजना के तहत 116 महिलाओं को 25 लाख 62 हजार रुपए की राशि ऋण के रुप में उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत छोटे-मोटे व्यवसाय व लघु उद्योग स्थापित करने हेतु महिलाओं को दो लाख रुपए का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है जिसमें 25 प्रतिशत अनुदान राशि जिला शहरी विकास अभिकरण द्वारा दी जाती है। इसके साथ-साथ कुल ऋण की पांच प्रतिशत राशि लाभांश के रुप में उपलब्ध करवाई जाती है।
    अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से स्वरोजगार दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयान कर रहे परिवारों के 432 युवक-युवतियों को दक्षता प्रशिक्षण दिया गया जिस पर 25 लाख रुपए की राशि खर्च की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत चार से छह माह की अवधि के लघु प्रशिक्षण दिए गए है जिनमें ब्यूटीशियन, फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिलवाया गया। उन्होंने बताया कि योजना के अनुरुप 25 युवा-युवतियों को एक समूह के रुप में प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना के तहत प्रशिक्षकों पर 10 हजार रुपए की राशि खर्च की जाती है और प्रशिक्षण की समाप्ति पर प्रशिक्षणार्थी को 600 रुपए की लागत का एक टूल किट व प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है।   
    श्रीमती चौधरी ने  बताया कि शहरी क्षेत्रों में बाल एवं महिला विकास (डवाकुआ समूह) कार्यक्रम के तहत छह महिला समूहों को 14 लाख 35 हजार रुपए की राशि ऋण के रुप में उपलब्ध करवाई गई। इस योजना के तहत एक महिला समूह को जिसमें पांच या इससे अधिक महिलाएं होती है को 8 लाख 50 हजार रुपए की राशि ऋण एवं अनुदान के रुप में उपलब्ध करवाई जाती है। इस ऋण राशि में 35 प्रतिशत राशि अनुदान राशि होती है जो अधिकतम तीन लाख भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बेकरी यूनिट लगाना, भैंसों की डेयरी बनाना, पापड़ बड़ी बनाना, लिफाफे बनाना, गत्ते के डिब्बे बनाना, टेलरिंग कार्य इत्यादि कार्य किए जाते है।
    अतिरिक्त उपायुक्त ने  बताया कि त्र्ऋण एवं बचत समूह योजना के तहत 48 गरीब परिवारों को 96 हजार रुपए की राशि का लाभ प्राप्त हुआ। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को रोजगार के अवसर मिलते है वहीं सेठ साहुकारों के चंगुल से मुक्त होने का अवसर भी प्राप्त होता है। इसके साथ-साथ बचत की आदत का विकास होता है। बचत हुई राशि वे अपना छोटा-मोटा रोजगार स्थापित कर सकते है। जरुरत पडऩे पर उन्हें बचत राशि काम में आती है।

No comments:

Post a Comment