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Monday, April 4, 2011

पांच दिवसीय आवासीय मार्शल आर्ट शिविर सम्पन्न

ओढां
    माता हरकी देवी सीनियर सैकंडरी स्कूल ओढ़ां में गत पांच दिन से जारी आवासीय मार्शल आर्ट शिविर सोमवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। नन्हें विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गायत्री मंत्र के साथ शुरू हुए समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित माता हरकी देवी महिला शिक्षण महाविद्यालय ओढ़ां की प्रो. ममता मैयर्थ ने शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। ताइक्वांडो खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कहा कि आपमें कठिन श्रम करने की क्षमता व काम के प्रति लगन का होना अति आवश्यक है तभी आप असंभव को भी संभव कर सकते हो। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट के जरिए आप अपनी ही नहीं दूसरों की भी रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने इस प्रशिक्षण शिविर की सराहना करते हुए क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी इसे लाभदायक बताया।
    कार्यक्रम के अंत में एमएचडी स्कूल की अध्यापिका विजय लक्ष्मी ने मार्शल आर्ट कोच अश्विनी, नरेश, संचालक राजकुमार वर्मा, अभिभावकों एवं शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समय समय पर इस प्रकार के शिविरों का आयोजन आवश्यक है जिससे नूतन कला सीखने के साथ साथ बच्चों में आत्मनिर्भरता व अनुशासन में रहने की भावना का विकास होता है। इस अवसर पर मार्शल आर्ट एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार वर्मा, कोच अश्विनी व नरेश, रामचंद्र वर्मा, विजयलक्ष्मी, सुलोचना, ताइक्वांडो खिलाड़ी और बच्चों के अभिभावक गण उपस्थित थे।

Thursday, March 24, 2011

58वीं कार्यकारिणी परिषद् की बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमएल रंगा की अध्यक्षता में सम्पन्न

हिसार  24 मार्च 2011
    गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार की 58वीं कार्यकारिणी परिषद् की बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमएल रंगा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई
    विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो आरएस जागलान ने बताया कि श्री एस पी भार्गव, श्री सुरेन्द्र सिंह व डा सत्यवीर सिंह दलाल को सहायक कुलसचिव के पद पर पदोन्नित किया गया है। उन्होने बताया कि विश्वविद्यालय के एनुअल अकाउटंस, बैलेंस शिट, एनुअल आडिट रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी गई है। कार्यकारिणी परिषद् ने 2011-12 के बजट व वर्ष 2010-11 के रिवाइजड एस्टिमेट व वित्त वर्ष 2011-12 के लिए विश्वविद्यालय के 113.56 करोड़ रूपये के बजट को भी मंजूरी दे दी गई है।
    प्रो जागलान ने बताया कि कार्यकारिणी परिषद् ने यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कोलरशिप स्कीम के तहत तीन अतिरिक्त एससी एसटी विद्यार्थियों को स्कोलरशिप को भी मंजूरी दे दी है। प्रो जागलान ने बताया कि विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा विभाग के द्वारा एमबीए लेट्रल एंट्री स्कीम को भी कार्यकारिणी परिषद् ने मंजूरी दे दी है।
फोटो कैप्शन
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार की 58 वीं कार्यकारिणी परिषद् की बैठक में अध्यक्षता करते विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमएल रंगा। साथ में है कुलसचिव प्रो आरएस जागलान।

Tuesday, March 22, 2011

एक दिवसीय सेमिनार का उदघाटन

हिसार
        गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का उदघाटन जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल ने किया जबकि दिल्ली स्कूल आफ इकनामिक्स के पूर्व अधिष्ठाता प्रो डी पी एस वर्मा विशिष्ट अतिथि थे । इस अवसर पर हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस के डायरेक्टर प्रो एस सी कुण्डू , डीन, हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस, प्रो बी के पूनिया, प्रो एच एल वर्मा,  प्रो एम एस तुरान, प्रो उषा अरोडा, प्रो आर के गुप्ता, डा0 टीका राम, विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, शिक्षकगण, शोधकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित थे। यह सेमिनार इंडियन काउँसिल आफ सोशल साईंस रिसर्च ने प्रयोजित किया है

    प्रो सी एस नागपाल ने कहा कि समय की मांग है कि शिक्षण संस्थानों को बाजार की मांग को मददेनजर रखते हुए अपने विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि समाज से बेरोजगारी दूर की जा सके व उद्योग जगत को उच्चकोटि के कर्मचारी उपलब्ध हो सके । उन्होंने चिन्ता जताई कि भारत में शिक्षण संस्थानों व उद्योगों के बीच तालमेल कमजोर है । प्रो नागपाल ने सुझाव दिया कि देश में इंडियन एजुकेशन सर्विस की परीक्षाएं होनी चाहिए ताकि होनहार शिक्षक  विश्वविद्यालयों में आकर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर सकें ।   देश में गुणवतात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निजी क्षेत्र की भागेदारी की आवश्यकता है
प्रो डी पी एस वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने चुनिंदा विषय में अच्छी व नवीनतम संस्करण वाली किताबें पढनी चाहिए और पुस्तकालय नियमित रूप से जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि शोध सच्चाई के साथ करना चाहिए और शोध के डाटा से छेडखानी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे परिणाम बदल जाते हैं ।  प्रो वर्मा ने कहा कि अध्यापक शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी करें ।
प्रो एस सी कुंडू  ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य होते हैं और अध्यापक की एक विशेष भूमिका है कि वह अपने विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारी उपलब्ध करवाये ताकि उसके पढाये हुए विद्यार्थी अपने कार्यक्षेत्र में कार्य को कुशलता से करें  । उन्होंने कहा कि अध्यापक का समाज के प्रति एक बहुत बड़ा कर्तव्य है और आज के विद्यार्थियों की अध्यापकों से उम्मीदें बहुत हैं।  उन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अध्यापक को नवीनतम जानकारी विद्यार्थियों को देनी चाहिए ताकि विद्यार्थी आज की जरूरतों के हिसाब से अपने आप को सक्षम साबित कर सकें।
    प्रो बी के पूनिया ने कहा कि अब विश्व अर्थव्यवस्था की मांग है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थी को सक्षम बनाये और इसके लिए विद्यार्थी व अध्यापक को अपने पठन पाठन में अन्तर्राष्टीय विषयों को शामिल करना चाहिए । आर्गेनाईजिंग सैकरेट्री डा टीका राम ने बताया कि सेमिनार में तीन तकनीकी सत्र हुए जिसमें मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तïृत चर्चा हुई ।
फोटो कैप्शन :
फोटो-1
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस में मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में डीन, हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस, प्रो बी के पूनिया जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए ।
फोटो-2 व 3
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस में मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में प्रो एस सी कुण्डू, प्रो बी के पूनिया, दिल्ली स्कूल आफ इकनामिक्स के पूर्व अधिष्ठाता प्रो डी पी एस वर्मा व जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल सम्बोधन करते हुए ।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस में मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में अध्यापकगण व शोधकर्ता ।

Monday, March 21, 2011

गैर शिक्षक कर्मचारियों की तीन दिवसीय कम्पयूटर ट्रेनिंग का समापन

हिसार
      गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों की तीन दिवसीय कम्पयूटर ट्रेनिंग का आज समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा मुख्य अतिथि थे। कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, दूरवर्ती निदेशालय के निर्देशक प्रो एम एस तुरान, कम्पयूटर सैंटर के हैड श्री मुकेश कुमार व उप-कुलसचिव श्री बी एस वर्मा, उपस्थित थे। दो चरणों में कार्यशाला में 32 कर्मचारियों ने भाग लिया। यह ट्रैनिंग विश्वविद्यालय के कम्पयूटर सैंटर में आयोजित की गई
      कुलपति डा एम एल रंगा ने कहा कि कार्यकौशल से कार्य जल्दी होता है और कम्पयूटर के माध्यम से कार्य तीव्र गति से मुमकिन है। डा रंगा ने प्रतिभागियों को कहा कि प्रशिक्षण में सीखी गई नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल करके अपने कार्य में सुधार लाए क्योकि इससे विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा और कार्य भी कम समय में सम्पन होगा
      कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने कहा कि कार्य में महारत हासिल करने के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य है और समय-समय पर प्रशिक्षण हर व्यक्ति को लेना चाहिए। दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निर्देशक प्रो एम एस तुरान ने कहा कि युवा ईमेल व इंटरनैट के साथ जुड़े हुए है और सूचना क्रान्ति ने यह मुमकिन कर दिया है कि विश्व के किसी भी कोने में बैठ कर कोई भी संदेश सैकिण्डों मे भेजा जा सकता है। प्रो तुरान ने कहा कि कम्पयूटर में दिन प्रति दिन नए से नए साफ्टवेयर आ रहे है जिससे कार्यशैली में गुणवत्ता सुधार की संभावना होती है
      कम्पयूटर सैंटर के हैड श्री मुकेश कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को कार्यलय में कम्प्यूटर के प्रयोग, ई-गर्वनैंस, फाईल मैनेजमैंट, वर्ड प्रोसेसिंग, सप्रेड शीट, प्रेजनटेशन, ओ एम आर टैक्नालाजी व कम्पयूटर ट्रबल शूटिंग  के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में एनआईसी के टैक्नीकल डायरेक्टर श्री एम पी कुलश्रेष्ठï, दीन बंधु विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल, सोनीपत के डा धर्मेन्द्र कुमार, श्री राज कुमार, डायरेक्टर डिसैंट कम्पयूटर, हिसार, श्री रोशन लाल, एरिना मल्टीमीडिया, श्री विपिन मक्कड़, एन आई सी के श्री अखिलेश कुमार विभिन्न सत्रों में विशेष भाषण दिए।    
 फोटो कैप्शन :
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय कम्पयूटर ट्रेनिंग पर कार्यशाला के सम्मापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा प्रतिभागी को सर्टिफिकेट प्रदान करते हुए। साथ में है कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निर्देशक प्रो एम एस तुरान, व अन्य।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति हरियाणा सरकार द्वारा स्वीकृत

हिसार
    गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डा एम एल रंगा ने बताया कि विश्वविद्यालय में एमबीए, बी फार्मेसी, एमसीए व सभी बी टैक पाठ्यक्रमों के प्रथम व द्वितीय वर्ष में पढ रहे अनूसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए 59 लाख 59 हजार रूपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति हरियाणा सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है। डा रंगा ने बताया कि इससे विश्वविद्यालय के 144 छात्र लाभवंतित होंगे। उन्होने बताया कि यह छात्रवृति उन अनूसूचित जाति के छात्रों को दी जाएगी जिनके  परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रूपये तक है।
    विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने बताया कि उपरोक्त राशि के चैक प्राप्त होते ही छात्रों को छात्रवृति वितरित कर दी जाएगी। उन्होने बताया कि एमबीए के 18 छात्रों, बी फार्मेसी के 13 छात्रों, एमसीए के 5 व बीटैक के 108 छात्रों को छात्रवृति प्रदान की जाएगी।

एक दिवसीय सेमिनार 22 मार्च को

हिसार
    गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस मैनेजमैंट आफ हायर टैक्निकल एजूकेशन क्वालिटी चैंलेजिज एण्ड एथैकिल डेलिमा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार 22 मार्च को आयोजित करेगा। सेमिनार डायरेक्टर प्रो एस सी कुण्डू ने बताया कि जयपूरिया ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन, गाजियाबाद के डायरेक्टर जरनल प्रो सी एस नागपाल सेमिनार का उदघाटन करेंगे जबकि दिल्ली स्कूल आफ इकनामिक्स के पूर्व अधिष्ठाता प्रो डी पी एस वर्मा विशिष्टï अतिथि होंगे।
डीन, हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस, प्रो बी के पूनिया ने बताया कि इस सेमिनार में देश भर से 50 शोधकर्ता अपने शोधपत्र पढेंगे व चर्चा करेंगे। यह सेमिनार विभाग के कमेटी कक्ष में आयोजित किया जाएगा।
आर्गेनाईजिंग सैकरेट्री डा. टीका राम ने बताया कि सेमिनार में तीन तकनीकी सत्र होंगे। उन्होने बताया कि यह सेमिनार इंडियन काउँसिल आफ सोशल साईंस रिसर्च प्रयोजित कर रहा है।

Saturday, March 19, 2011

तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन

हिसार 
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का आज समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दूरवर्ती शिक्षा परिषद, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित की गई थी। कार्यशाला में रिर्सोस पर्सनस के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के प्रो संतोष पांडा तथा प्रो प्रवीर विश्वास ने प्रतिभागियों को दूरवर्ती शिक्षा के लिए कंटेट डवल्पमेंट बारे विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एमएल रंगा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने आप में परिपूर्ण नहीं है। वह जिंदगी भर कुछ न कुछ सीखता रहता है। इसलिए शिक्षकों को ऐसी कार्यशालाओं में हिस्सा लेते रहना चाहिए। क्योंकि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जहां जानकारी को अपडेट करते हैं वहीं नई स्किलस पैदा करने में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि एक अपडेटिड तथा कुशल शिक्षक ही दूरवर्ती शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए बेहतर ढंग से पाठयक्रम सामग्री तैयार कर सकता है।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आरएस जागलान ने निदेशालय के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह एक बेहतर प्रयास है तथा विभाग को समय-समय पर इस तरह के आयोजन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाठयक्रय योजना अपने आप में एक कौशल है तथा जो शिक्षक इसमें पारंगत होता है वह निदेशालय के उद्देश्यों को आगे ले जाने में योगदान देता है।
दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो एमएस तुरान ने कहा कि निदेशालय भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। कार्यशाला के समन्वयक एमआर पातरा ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यशाला में दूरवर्ती विभाग के कोर्डिनेटरों के अलावा हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस, संचार प्रबंधन एवं तकनीकी विभाग, मनोविज्ञान विभाग, प्रिंटिंग टैक्रोलोजी, पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के 27 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। समापन अवसर पर कुलपति ने रिर्साेस पसर्नस प्रो संतोष पांडा तथा प्रो प्रवीर विश्वास को शाल तथा स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया।
उपकुलसचिव श्री बी एस वर्मा ने बताया कि तीन दिनों में 18 तकनीकी सत्र में  प्रो संतोष पांडा तथा प्रो प्रवीर विश्वास   ने  विशेष व्याख्यान दिऐ।

फोटो 1- गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय द्वारा आयोजित कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र वितरित करते डा. एमएल रंगा व अन्य।

Friday, March 18, 2011

कुलबीर बनी मिस एमएचडी

. ओढ़ां    माता हरकी देवी महिला महाविद्यालय ओढ़ां में बीकॉम तृतीय वर्ष, बीए तृतीय वर्ष एवं बीसीए तृतीय वर्ष की छात्राओं को उनकी जूनियर छात्राओं ने बड़े हर्षोल्लास व नम आंखों से भावभीनी विदाई दी। इस विदाई समारोह का आयोजन छात्राओं ने बड़े मनमोहक ढंग से किया। अपनी सीनियर छात्राओं के स्वागत में उन्होंने नृत्य, कोरियोग्राफी व गीतों की भव्य प्रस्तुतियां दी। जूनियर छात्राओं ने जहां अपनी सीनियर छात्राओं को टाइटल दिए वहीं तृतीय वर्ष की छात्राओं ने अपनी प्राध्यापिकाओं के प्रति आदर व्यक्त करते हुए उन्हें टाइटल गीत दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ छात्राओं से अनेक मनोरंजक गेम्स भी करवाए गए। इस भव्य आयोजन की प्रशंसा करते हुए प्राचार्या डॉ. शमीम शर्मा ने कहा कि हमारी छात्राएं पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियों में निरंतर अग्रसर हैं। आज के इस विदाई समारोह के आयोजन की पूरी जिम्मेवारी छात्राओं ने अपने ऊपर लेकर इसे बेहतर तरीके से प्रस्तुत करते हुए यह साबित कर दिखाया है कि वे प्रबंधन कौशल में भी कम नहीं हैं। महाविद्यालय की निदेशक मनीषा गोदारा ने अपने संबोधन में छात्राओं से कहा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता, इसे पाने के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आप संघर्षवान बने, सफलता निश्चित रूप से आपके साथ होगी। उपप्राचार्या डॉ. अनीता छाबड़ा ने अपने संबोधन में छात्राओं को कहा कि आप ऐसा सब कुछ करें जिससे आपके माता पिता, गुरुजनों एवं संस्था का नाम ऊंचा हो तथा ऐसा कुछ भी न करें जिससे उपरोक्त में से किसी एक की भी प्रतिष्ठा धूमिल हो। संस्था के कोषाध्यक्ष मंदर सिंह ने अपने संबोधन में छात्राओं को शुभकामनाए देते हुए छात्राओं को सदैव महाविद्यालय से जुड़े रहने के लिए। इस समारोह में कड़ी प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए कामर्स व कंप्यूटर संकाय से स्वाति को मिस एमएचडी कामर्स, चांदनी को मिस पर्सनैल्टी, पुनीता को मिस टेलेंटिड, बीसीए की छात्रा सतविंद्र को मिस स्माइल चुना गया। वहीं आर्टस संकाय से कुलबीर को मिस एमएचडी आर्टस, विलेज को मिस ईव, सुशील को मिस पर्सनैल्टी एवं अमन को मिस स्माइल चुना गया। इन विजेता छात्राओं को निदेशक मनीषा गोदारा, डॉ. शमीम शर्मा एवं डॉ. अनीता छाबड़ा ने ताज पहनाकर व टाइटल रिबन बांधकर सम्मानित किया। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. मंजू दलाल, हर्षलता जैन, शशी मेहता व नेहा सोनी ने निभाई। इस अवसर पर प्रबंधकीय समिति, टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्यों के साथ साथ भारी संख्या में छात्राएं विद्यमान थी।


छायाचित्र:  बाएं से दाएं मिस पर्सनैल्टी सुशील रोल नंबर 987, मिस स्माइल अमन रोल नंबर 814, मिस एमएचडी कुलबीर रोल नंबर 816 व मिस ईव विलेज रोल नंबर 1021

डिस्टैंस एजूकेशन एण्ड डिवपलमैंट आफ सैल्फ लर्निंग मैटिरियल विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन

हिसार
    गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में आज डिस्टैंस एजूकेशन एण्ड डिवपलमैंट आफ सैल्फ लर्निंग मैटिरियल विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन स्ट्राईड इंदिरा गांधी नैश्नल मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो संतोष पांडा व कार्यक्रम की अध्यक्षता दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निर्देशक प्रो एम एस तुरान ने की। इगनू के प्रो प्रबीर के बिसवास, डा एम आर पात्रा, श्री बी एस वर्मा व विभिन्न विभागों के शिक्षक इस कार्यशाला में उपस्थित थे। यह कार्यशाला डिस्टैंस एजूकेशन काउँसिल नई दिल्ली के सौजन्य से आयोजित की जा रही है।
    प्रो संतोष पांडा ने बताया कि डिस्टैंस एजूकेशन काउँसिल को आटोनामस बाडी बनाने के लिए कार्य शुरू हो गया है और देश के सभी दूरवर्ती शिक्षा प्रदान करने वाली संस्थओं के स्टैंडर्स को तय करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि देश के छात्रों को उच्च कोटि की शिक्षा उपलब्ध हो। प्रो पांडा ने बताया कि आज जमाना गुणवत्ता का है और जो शिक्षण संस्थाएं दूरवर्ती शिक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता को ध्यान में रखकर शिक्षा उपलब्ध करवाएगी उन्ही का भविष्य उज्ज्वल है। निजि विश्वविद्यालय दूरवर्ती शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने में आ रहे है। प्रो पांडा ने बताया कि दूरवर्ती शिक्षा में मल्टीमिडिया का प्रयोग किया जा रहा है और विद्यार्थी बड़े पैमाने पर इस पद्घति से शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक है।
    प्रो एम एस तुरान ने इस अवसर पर कहा कि दूरवर्ती शिक्षा में पाठ्यक्रमों की सामग्री को तैयार करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि विद्यार्थी या तो रोजगार में है या बड़ी उम्र के है और ऐसे विद्यार्थियों के लिए सिखने की प्रक्रिया कालेज और स्कूल के विद्यार्थियों से भिन्न होती है और पाठ्यक्रम की सामग्री उसी हिसाब से तैयार करनी चाहिए। प्रो तुरान ने कहा कि आज का युग भागदौड़ का युग है और कामकाजी लोग अपनी शिक्षा की जरूरत रोजगार के साथ-साथ दूरवर्ती शिक्षा के माध्यम से करना चाहते है ऐसे विद्यार्थियों के लिए व समय की मांग के अनुसार नए पाठ्यक्रमों का विस्तार करना चाहिए। प्रो तुरान ने कहा कि दूरवर्ती शिक्षा देश में उच्च कोटि की शिक्षा उपलब्ध करवाने में सक्षम है। उन्होने कहा कि शीघ्र ही विश्वविद्यालय का दूरवर्ती शिक्षा विभाग अपनी वैबसाईट लांच करेगा।
    आग्रेनाईजिंग सैकरेट्री डा एम आर पात्रा ने बताया कि तीन दिनों में 18 तकनीकी सत्र होंगे और दूरवर्ती शिक्षा विभाग के  विभिन्न पहलूओं पर विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे।
    उपकुलसचिव श्री बी एस वर्मा ने बताया कि प्रो नरसी राम बिश्नोई, डा कर्मपाल, डा राजेश कुमार, श्री आरोहित, डा ज्योतसना, डा आशा गुप्ता, डा सुश्मिता भास्कर, डा मनोज कुमार, डा रमेश कुमार, डा एस के सिंह, डा भास्कर, डा अंजू, डा सविता, डा खजान सिंह, डा सुरेश मित्तल, श्री संजय सिंह, डा उदयवीर, डा राजीव कुमार, डा एम आर पात्रा, डा राजेश लोहचब, डा किश्ना राम बिश्नोई, डा पंकज कुमार व डा अमरीश पांडे उपस्थित थे। 
फोटो कैप्शन :
फोटो-1 व 2
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में डिस्टैंसएजूकेशन एण्ड डिवपलमैंट आफ सैल्फ लर्निंग मैटिरियल विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर स्ट्राईड इंदिरा गांधी नैश्नल मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो संतोष पांडा उपस्थित जनो को संबोधित करते हुए। साथ में है इगनू के प्रो प्रबीर के बिसवास, दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निर्देशक प्रो एम एस तुरान ने की व अन्य।

Tuesday, March 15, 2011

ऐसी शिक्षा दी जाए जो सक्षमता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दे - भूपेंद्र डोगरा

 ओढां
    विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा दी जाए जो सक्षमता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दे तथा ऐसी व्यवस्था की जाए कि होनहार छात्र विदेशों में न जाकर देश के बहुमुखी विकास में योगदान दें। उक्त शब्द माता हरकी देवी देवी महिला महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रूप में उपस्थित हिसार क्षेत्र के आयकर आयुक्त भूपेंद्र डोगरा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहे
    श्री डोगरा ने महिला शिक्षा और राष्ट्रीय विकास पर विचार व्यक्त करते हुए छात्राओं को सार्थक रूप से जीवन जीने हेतु उत्प्रेरित किया। शिक्षण संस्थानों व एनजीओ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने हरियाणा में स्त्री पुरुष लिंगानुपात की असमानता पर भी चर्चा की। उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि शिक्षण प्रशिक्षण द्वारा नारी को सशक्त किया जाए ताकि वह अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सके। उनकी प्रबल अवधारणा थी कि बदलते हुए भौतिक वातावरण में महिला के दायित्व दोगुने हुए हैं, परिणाम स्वरूप महिलाओं में मानसिक दवाब बढ़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में संख्या की बजाय गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
    मुख्यवक्ता का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या एवं जेसीडी विद्यापीठ सिरसा की निदेशक डॉ. शमीम शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं व्यक्तित्व की सम्पन्नता के लिए बहुत लाभदायक हैं। ऐसे अनुभवी व्यक्तियों का अनुभव छात्राओं के जीवन मार्ग में प्रेरणादायी होता है। इस अवसर पर एमएचडी शिक्षण संस्थान की निदेशक मनीषा गोदारा, डॉ. अनीता छाबड़ा एवं सभी स्टाफ सदस्यों सहित काफी संख्या में छात्राएं विद्यमान थी।

छायाचित्र: 15ओडीएन 1.जेपीजी—ओढ़ां। छात्राओं को संबोधित करते भूपेंद्र डोगरा।

रिसेंट ट्रेण्डस इन इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन

हिसार 15 मार्च 2011
फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी, गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा आज रिसेंट ट्रेण्डस इन इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन आल इंडिया फैडरेशन आफ मास्टर प्रिंटर्स के प्रेजिडेंट श्री मनोज बी मेहता ने किया जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने की। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आर एस जागलान व डीन प्रो धर्मेन्द्र कुमार ने भारत में प्रिंटिग के क्षेत्र में सराहनीय कार्यो के लिए आल इंडिया फैडरेशन आफ मास्टर प्रिंटर्स के प्रेजिडेंट श्री मनोज बी मेहता को जोन गटनबर्ग 2010 पुरस्कार से व सॉफ्टवेयर प्रिंट मीडिया एकेडमी हैडलबर्ग के प्रो राजेन्द्र कुमार को प्रिंट जैंम 2010 पुरस्कार से सम्मानित किया। श्री रतन के दत्ता, पूर्व प्रधान, कम्पयूटर सोसायटी आफ इंडिया, श्री कमल चोपड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर फोयल प्रिंटर्स लिमिटेड, श्री अमिताभ चक्रवर्ती, श्री एम के मोदगील व प्रो के एस यादव ने विभिन्न सत्रों में अपने विशेष व्याख्यान दिए। इस अवसर पर प्रो एच एल वर्मा, प्रो जे के शर्मा, प्रो मिलंद पारले, प्रो डी मोहन, डा दिनेश कुमार, डा एस सी गर्ग, डा संदीप आर्या, श्री रविश गर्ग,  डा आर के गुप्ता, डा प्रदीप के भाटिया, श्री अंजन कुमार बराल, श्री अमबरीश पांडे, विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, शिक्षकगण, शोधकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित थे
श्री मनोज बी मेहता ने कहा कि भारत में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की छपाई का कार्य हो रहा है और विश्व की जानी मानी बहुराष्ट्रीय कंपनिया भारत से अपने उत्पादों पर छपाई का कार्य करवा रही है। उन्होने कहा कि नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल कर भारत विश्व में प्रिंटिंग व पैकिजिंग के अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत कर सकता है। श्री मेहता ने बताया कि प्रिंटिंग टैक्रालाजी 13 प्रतिशत व पैकिजिंग उद्योग 15 प्रतिशत हर साल की दर से भारत में बढ रहा है। उन्होने बताया कि पैकिजिंग उद्योग बहुत बड़ी मात्रा में रिसाईकल टैक्रालाजी का इस्तेमाल कर रहा है और विश्व भर में उत्पाद बनाकर बेच रहा है। श्री मेहता ने कहा कि प्रिंटिंग व पैकिजिंग उद्योगों में आधुनिक प्रबधन की आवश्यकता है। उन्होने बताया कि देश में प्रिंटिंग व पैकिजिंग उद्योगों में 90 प्रतिशत हिस्सा छोटे कारखानों का है 7 प्रतिशत मध्यम दर्जे की कंपनिया है व 3 प्रतिशत बड़े स्तर पर कार्य कर रही है।
 कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने बताया कि टैक्रालाजी बहुत तेजी से बदल रही है और विश्व अब एक लघु ग्राम बन गया है और विश्वभर की कोई भी सूचना किसी भी जगह पाई जा सकती है।  21वी शताब्दी टैक्रालाजी की शताब्दी है। अब टैक्रॉलोजी इतनी समृद्घ हो चुकी है कि मुश्किल से मुश्किल काम भी बड़ी आसानी व सटीकता से किया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि अगर तरक्की की राह पर चलना है तो विद्यार्थियों को विषय विशेष के बारे में नवीनतम जानकारी होनी चाहिए। 
श्री रतन के दत्ता ने कहा कि पैरलल व कवानटम कम्पयूटिंग भविष्य की तकनीक है और विद्यार्थियों को इस पर कार्य व शोध करना चाहिए। श्री दत्ता ने कहा कि भारत साफ्टवेयर सर्विस में विश्वभर में अव्वल है और अब समय आ गया है कि भारत को हार्डवेयर में भी अपना लोहा मनवाना चाहिए। उन्होने कहा कि एक इंजीनियर वो होता है जो नई तकनीक लगाकर एक ऐसी वस्तु को तैयार करे जो मानव जीवन के हित में और समाज का भला हो सके। उन्होने कहा कि एक विद्यार्थी को अपने विषय की आधुनिक जानकारी होना, सॉफ्टस्किल  का ज्ञान होना व सही एटीच्यूट का होना अनिवार्य है अगर वह अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचाईयां छूना चाहता है।
डीन प्रो धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि आज के बच्चे बहुत छोटी उम्र में टैक्रालाजी का इस्तेमाल कर रहे है और टैक्रालाजी जीवन के हर पहलू के साथ जुड़ गई है उन्होने कहा कि ब्लूटूथ 3 व ब्लूटूथ 4 भविष्य की तकनीके है। प्रो कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला में डा प्रदीप के भाटिया व श्री अंजन के बराल आरग्नाईजिंग सैक्रेटरी व श्री अबरीश पांडे ज्वाईंट आरगनाईजिंग सैक्रेटरी थे।
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फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी, गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा आयोजित रिसेंट ट्रेण्डस इन इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय  कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर आल इंडिया फैडरेशन आफ मास्टर प्रिंटर्स के प्रेजिडेंट श्री मनोज बी मेहता को प्रिंटिग के क्षेत्र में सराहनीय कार्यो के लिए जोन गटनबर्ग 2010 पुरस्कार से सम्मानित करते विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो आर एस जागलान। साथ में है डीन प्रो धर्मेन्द्र कुमार।
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फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी, गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा आयोजित रिसेंट ट्रेण्डस इन इंजीनियरिंग एंड टैक्रॉलोजी विषय पर एक दिवसीय
राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, शिक्षकगण, शोधकर्ता व विद्यार्थीगण।

तीन दिवसीय कम्पयूटर ट्रेनिंग का शुभारम्भ

हिसार 15 मार्च 2011
    गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय कम्पयूटर ट्रेनिंग का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निर्देशक प्रो एम एस तुरान ने किया। पहले चरण में इस कार्यशाला में 17 कर्मचारी भाग ले रहे है। यह ट्रैनिंग विश्वविद्यालय के कम्पयूटर सैंटर में आयोजित की जा रही है।
    प्रो एम एस तुरान ने इस अवसर पर कहा कि कम्पयूटर की सहायता से कार्याेलयों में तेज गति से कार्य किया जाता है और कम्पयूटर में दिन प्रति दिन नए से नए साफ्टवेयर आ रहे है जिससे कार्यशैली में गुणवत्ता सुधार की संभावना होती है। प्रो तुरान ने कहा कि आई टी के युग में
अब युवा ईमेल व इंटरनैट के साथ जुड़े हुए है और सूचना क्र ंान्ति ने यह मुमकिन कर दिया है कि विश्व के किसी भी कोने में बैठ कर कोई भी संदेश सैकिण्डों मेें भेजा जा सकता है। प्रो तुरान ने कहा कि प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक है।
एनआईसी, हिसार के टैक्नीकल डायरेक्टर श्री एम पी कुलश्रेष्ठï ने कहा कि ई-गर्वनैंस के माध्यम से आम जनता के कार्य बहुत तेजी से होने लगे है और कोई भी व्यक्ति किसी भी समय सूचना प्राप्त कर सकता है। श्री कुलश्रेष्ठï ने कहा कि हरियाणा में जिला स्तर पर विडियों कान्फ्रंसिंग के द्वारा बैठके आयोजित की जा रही है ताकि कार्य तीव्र गति से किया जा सके।
कम्पयूटर सैंटर के हैड श्री मुकेश कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को कार्यलय में कम्प्यूटर के प्रयोग व साफ्टवेयर के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी ताकि कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार हो सके।
    श्री बी एस वर्मा, उप-कुलसचिव ने बताया कि इस कार्यशाला में दीन बंधु विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल, सोनीपत के डा धर्मेन्द्र कुमार, श्री राज कुमार, डायरेक्टर डिसैंट कम्पयूटर, हिसार, श्री रोशन लाल, एरिना मल्टीमीडिया, श्री विपिन मक्कड़, एन आई सी के श्री अभिषेक कुमार विभिन्न सत्रों में विशेष भाषण देंगे।        

Monday, March 14, 2011

कैमिस्ट्री इन आवर लाईफ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया

हिसार 
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग द्वारा आज एक दिवसीय कैमिस्ट्री इन आवर लाईफ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उदघाटन कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र व हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के पूर्व कुलपति डा एस आर्या ने किया जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, प्रो आर मलहोत्रा, प्रो जे के शर्मा, डा देवेन्द्र कुमार, डा विकास, विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, शिक्षकगण, शोधकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित थे।
डा एस आर्या ने इस अवसर पर कहा कि खेतों की फसलों का उत्पादन उच्चतम स्तर पर है और समय की मांग है कि किसानों को नवीनतम तकनीक दी जाए ताकि किसान अपने खेतों से अधिक पैदावार ले सके क्योकि देश की जनसंख्या बढती जा रही है और अनाज की पूर्ती किसानों के द्वारा नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल करके ही मुमकिन है। डा आर्या ने कहा कि आज जानवरों की क्लोनिंग हो रही है और वो दिन दूर नही जब मनुष्यों की भी क्लोनिंग होगी। उन्होने कहा कि हर विषय के बुरे और अच्छे पहलू होते है। डा आर्या ने कहा कि आज का युवा बहुत होनहार है और उसके पास उर्जा व दृढ शक्ति है जिसका इस्तेमाल करके वह समाज की तरक्की में हिस्सेदार बने

कुलपति डा एम एल रंगा ने कहा कि बेसिक विज्ञान की तरफ युवाओं का रूझान अब बढा है और देखा गया है कि विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में बेसिक साईंस विषय लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढी है जोकि विज्ञान विषयों के लिए अच्छी बात है। डा रंगा ने कहा कि रसायन के क्षेत्र में शोध की बहुत आवश्यकता है क्योकि रसायन मनुष्य जीवन की हर जरूरत के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होने कहा कि हमें ऐसे शोध करने चाहिए जो मानव व प्राणि जाति के हित में हो।
कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने कहा कि अध्यापकों को विज्ञान के विषय रोचक ढंग से प्रस्तुत करने चाहिए ताकि विद्यार्थी विज्ञान के विषयों में रूचि ले सके। प्रो जागलान ने अध्यापको से आवहान किया कि वे स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को विज्ञान विषय की महत्वता के बारे में बताए ताकि बच्चों का विज्ञान विषयों की तरफ रूझान बढ सके।
प्रो जे के शर्मा ने बताया कि हर चीज में रसायन विज्ञान है और रसायन विज्ञान की शोध की बदौलत आज मनुष्य कई चीजों का सेवन कर रहा है। डा शर्मा ने कहा कि रसायन रोजमर्रा की जिंदगी की चीजों में भी है इसका इस्तेमाल एक समूचे ढंग के साथ करना चाहिए। उन्होने बताया कि दवाईयां रसायनों से ही बनती है जोकि मानव के लिए अति आवश्यक है।

डा देवेन्द्र कुमार ने बताया कि  वर्ष 2011 को अन्तराष्ट्रीय रसायन वर्ष घोषित किया गया है। उन्होने बताया कि कार्यशाला में पहले सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के प्रो ए के बख्शी ने कैमिस्ट्री एजूकेशन इन 21वी सेंचुरी, आई आई टी नई दिल्ली के प्रो एच एन चावला ने कैमिस्ट्री फार लाईफ एण्ड लाईवली हुड व पंजाब विश्वविद्यालय, चडीगढ के प्रो एस एस बारी ने कैमिस्ट्री एण्ड मैडिसन विषय पर विशेष व्याखान दिए।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कैमिस्ट्री इन आवर लाईफ विषय पर कार्यशाला का उदघाटन करते कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र व हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के पूर्व कुलपति डा एस आर्या साथ में है विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा, प्रो जे के शर्मा व अन्य।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कैमिस्ट्री इन आवर लाईफ विषय पर कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, शिक्षकगण, शोधकर्ता व विद्यार्थीगण।

Thursday, March 10, 2011

बिजनेस एंड मैनेजमैंट विषय पर आयोजित तीसरी वार्षिक दो दिवसीय कांफ्रेंस का उद्घाटन

हिसार
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा बिजनेस एंड मैनेजमैंट विषय पर आयोजित तीसरी वार्षिक दो दिवसीय कांफ्रेंस का उद्घाटन आज रिकार्डर एण्ड मैडिकेयर सिस्टम्स के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुमन जोली ने किया। जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।  इस अवसर पर एमडीआई, गुडग़ांव के प्रो एन पी सिंह ने मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर बिजनेस एण्ड मैनेजमैंट कंटपरेरी रिसर्च इश्यूज नामक पुस्तिका व हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा एचएसबी रिसर्च रिव्यू नामक रैफर्ड जरनल का आज विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो आरएस जागलान, प्रो एस सी कुण्डू, प्रो बीके पूनिया, प्रो एम एस तुरान, प्रो एचएल वर्मा, डा कर्मपाल, डा महेश गर्ग, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी भारी संख्या में उपस्थित थे
श्री सुमन जोली ने इस अवसर पर कहा कि नई वैज्ञानिक सोच के साथ ही आगे बढा जा सकता है ताकि तरक्की का लक्ष्य एक समय सीमा के अंदर प्राप्त किया जा सके। उन्होने कहा कि छोटे उद्यमों को भी इनोवेशन पर ध्यान देना होगा क्योकि छोटे उद्यम किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में एक विशेष भूमिका निभाते है। श्री जोली ने कहा कि उत्पाद ऐसा हो जोकि लोगों की जरूरतों को पूरा करे वही बाजार में बिकता है। श्री जोली ने बताया कि भारत में स्थित बिजनेस स्कूल उच्च कोटि की बिजनेस की शिक्षा उपलब्ध करवा रहे है जिसकी वजय से आज भारतीय व अन्तर्राष्ट्रीय उद्योगों को कुशल मानव शक्ति उपलब्ध हो रही है। भारत में शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त आज देश व विदेशी कंपनियों के उच्चे पदों पर भारतीय आसीन है। श्री जोली ने कहा कि अगर हम ऐसे ही उच्च कोटि के प्रबंधक तैयार करते रहे और विश्व चुनौतियों को डट कर मुकाबला करने वाले मानव शक्ति तैयार करने में सक्षम रहे तो वो दिन दूर नही जब भारत विकसित देशों की कतार में सबसे आगे होगा।
प्रो एन पी सिंह ने कहा कि देश में हैवी इंडस्ट्रीज पर पैसे लगाने की आवश्यकता है क्योकि इससे देश की इनफ्राशट्रचर व रोजगार जैसी समस्याओं का समाधान हो पायेगा। उन्होने कहा कि हैवी इंडस्ट्रीज में निवेश के साथ छोटे उद्योग पनपते है जिससे अर्थव्यवस्था और तेजी से आगे बढती है। प्रो सिंह ने कहा कि शोध आज समय की मांग है और एक अच्छे तरीके से बाजार को समझने के लिए उच्च कोटि का शोध होना अनिवार्य है। उन्होने कहा कि ऐसे शोधों के लिए शिक्षण संस्थानों की एक विशेष भूमिका है। प्रो सिंह ने बताया कि बिजनेस शोध एव बिजनेस एजूकेशन सरकार व उद्योग के एजेण्डे में विशेष स्थान रखती है।
कुलपति डा एम एल रंगा ने कहा हर आदमी मैनेजर होता है क्योकि उसे हररोज कुछ कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है और इस समस्या से पार पाने के लिए उसे चीजो को मैनेज करना पड़ता है। उन्होने कहा कि सकारात्मक सोच से कार्य जल्दी होते है और कार्यालय में एक सुखद माहौल बनता है। डा रंगा ने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण एक व्यक्ति को जीवन की उंचाईयो तक पहुंचाता है और उसका मन कार्यों में लगता है। उन्होने कहा कि गीता में लिखे संदेश व मैनेजमैंट का आपस में संबध है। उन्होने कहा कि महात्मा गांधी एक बहुत बड़े मैनेजर थे जिनके पास कुछ न होकर भी उन्होने देश को स्वतन्त्रता दिलवाई जिसकी सराहना आज विश्व भर में की जाती है। 
कुलपति डा रंगा ने कहा कि देश की प्रगति व बाजार की बढोतरी सही मायनों में तभी संभव होगी जब उच्च कोटि का रिसर्च एण्ड डिवलपमैंट विश्वविद्यालय और उद्योग जगत मिलकर करेंगे। उन्होने कहा कि इसके लिए उद्योग और विश्वविद्यालयों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि एक दूसरे का पूर्ण सहयोग मिल सके। उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कार्य स्थानीय समस्याओं को लेकर भी होना चाहिए ताकि उसका फायदा समाज के हर वर्ग को प्राप्त हो सके। डा रंगा ने कहा कि हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस शिक्षा के क्षेत्र में एक ब्रैंड है।      
कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने कहा कि आज का बाजार प्रति स्पर्धा का बाजार है और एक अच्छे प्रबंधक को बाजार में कम्पनी की बढ़त बनाए रखने के लिए नए से नए तरीके ढूंढने होंगे।
प्रो एस सी कुण्डू ने कहा कि आज कोई भी व्यापार करना हो उसमे प्लानिंग का एक विशेष स्थान होता है और यही वजय है कि कई उद्योग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना व्यापार सुनिश्चित ढंग व मुनाफ के साथ कर पाते है। प्रो कुण्डू ने कहा कि छोटे उद्योगों को भी प्लानिंग की तरफ ध्यान देना चाहिए ताकि समय के साथ वो भी बड़े बन सके और अपने मुनाफ में वृद्घि कर सके।
प्रो बी के पूनिया ने बताया कि प्रो मधुविज, प्रो अतुल ढिंगरा, प्रो सुदेश, श्री डी आर दत्ता, प्रो सुल्तान सिंह, प्रो रोशन लाल, प्रो आर विनायक, डा मंजीत सिंह, डा बलविन्द्र सिंह, प्रो जेपी सिंह, डा गुरचरण सिंह, डा एस पी सिंह, प्रो एके सिंह, प्रो बालकृष्ण, प्रो बी एस बोडला, प्रो एस के बेदी, डा एस के जैन, प्रो टी आर कुण्डू व डा एस के मुंजाल विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेष व्याखान देंगे।
डा महेश गर्ग, आर्गेनाईजिंग सैकरेट्री ने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस में 270 शोध पत्र 11 तकनीकी सत्रों में पढे जाऐगे। 
फोटो कैप्शन :
फोटो-1 :
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा बिजनेस एंड मैनेजमैंट विषय पर आयोजित तीसरी वार्षिक दो दिवसीय
कांफ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर बिजनेस एण्ड मैनेजमैंट कंटपरेरी रिसर्च इश्यूज नामक पुस्तिका का विमोचन करते रिकार्डर एण्ड मैडिकेयर सिसटमस के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुमन जोली व विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा। साथ में है कुलसचिव प्रो आर एस जागलान व अन्य।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा बिजनेस एंड मैनेजमैंट विषय पर आयोजित तीसरी वार्षिक दो दिवसीय
कांफ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर रिकार्डर एण्ड मैडिकेयर सिसटमस के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुमन जोली को स्मृति चिन्ह भेंट करते विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा। साथ में प्रो एस सी कुण्डू।
फोटो-3 :
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा बिजनेस एंड मैनेजमैंट विषय पर आयोजित तीसरी वार्षिक दो दिवसीय
कांफ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथि गण व शोधकर्ता।

Monday, March 7, 2011

ट्रांसपेरेंसी प्रतियोगिता में गुरकंवलजीत कौर प्रथम रही

 ओढ़ां
    माता हरकी देवी शिक्षण महाविद्यालय ओढ़ां में पंजाबी साहित्य क्लब प्रभारी सोनू के दिशा निर्देश में ट्रांसपेरेंसी प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया।
इस प्रतियोगिता में गुरकंवलजीत कौर ने प्रथम, रामकला ने द्वितीय एवं सतबीर कौर व स्वीटी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
    इस प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. रघुवीर सिंह व कृष्णकांत ने निभाई। डॉ. रघुवीर सिंह ने विजेता छात्राध्यापिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि पंजाबी भाषा का महत्व बढ़ता जा रहा है। अध्यापन में ट्रांसपेरेंसी, स्लाइड एवं पाठयोजना को सही स्वरूप में बताया जाना चाहिए जिससे पंजाबी भाषा को और ज्यादा बढ़ावा मिले। उन्होंने विजेता छात्राध्यापिकाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। कॉलेज प्राचार्या सुनीता स्याल ने इस अवसर पर छात्राध्यापिकाओं को उत्साहित किया।

Saturday, March 5, 2011

किशोरावस्था शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण, पेंटिंग व लेख प्रतियोगिता आयोजित

 ओढ़ां
    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओढ़ां में किशोरावस्था शिक्षण कार्यक्रम निदेशक हरियाणा राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी पंचकूला के दिशा निर्देशों के अंतर्गत आयोजित किया गया जिसमें भाषण, पेंटिंग व लेख प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।
    विद्यालय प्रभारी रघुवीर चंद ने किशोरावस्था से संबंधित महत्वपूर्ण बातों करते हुए उल्लेख करते हुए बताया कि यह उम्र का वह पड़ाव है जहां बच्चों को भटकाव से बचना होता है।
प्राचार्य नीलकंठ ने बताया कि इस उम्र में बच्चों को गुस्सा क्यों आता है। इसके अलावा हुड़दंगी होना व नशा करना आदि के बारे में विस्तार से बताया तथा डीपी बलविंद्र सिंह ने एड्स के बारे में जानकारी दी। प्रवक्ता हरचरण सिंह ने भारतीय संस्कृति व विदेशी पश्चिमी संस्कृति के उदाहरण देते हुए लड़का व लड़की के विभेदों के बारे में बताया। मंच का संचालन करते हुए अजायब सिंह ने बच्चों से किशोरावस्था के बारे में खुले रूप से चर्चा की और बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। समापन पर विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
    सीनियर ग्रुप की भाषण प्रतियोगिता में कक्षा
दस जमा दो की परमजीत कौर ने प्रथम व विश्वजीत ने द्वितीय एवं दस जमा एक के सुनील कुमार ने तृतीय तथा जूनियर ग्रुप की भाषण प्रतियोगिता में कक्षा दसवीं के अवतार सिंह ने प्रथम, आठवीं के पंकज ने द्वितीय एवं मनदीप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार पेंटिंग प्रतियोगिता में दस जमा एक की संतोष कुमारी ने प्रथम, प्रियंका ने द्वितीय एवं दस जमा दो के रविंद्र कुमार ने तृतीय तथा लेख प्रतियोगिता में दस जमा एक के गुरमीत सिंह ने प्रथम, रजनीबाला ने द्वितीय एवं दस जमा दो की कर्मजीत कौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

छायाचित्र:  भाषण प्रतियोगिता के दौरान परमजीत कौर, संबोधित करते नीलकंठ शर्मा एवं उपस्थित विद्यार्थी।

Friday, March 4, 2011

दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ

हिसार
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग में आज दो दिवसीय मल्टी डिसीपलीनरी अपोर्च इन फ्रंटियर एरियाज आफ इनवायरनमैंटल साइंस एण्ड इंजीनियरिंग विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ एडवाजर मिनीस्ट्री आफ अर्थ साईंसिस, भारत सरकार डा एल एस राठौर ने किया व कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने की। अतिरिक्त निर्देशक व प्रिंसिपल, गुरूकुल विद्यापीठ, चढीगढ, डा एस सी जैन मुख्यवक्ता थे। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, प्रो नरसी राम बिश्नोई व विभिन्न विभागों के अधिष्ठता, विभागाध्यक्ष, विभाग के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर डा किशना राम बिश्नोई व प्रो नरसी राम बिश्नोई द्वारा संयुक्त रूप से लिखी पुस्तक आध्यात्मिक पर्यावरण की मीमांसा का विमोचन भी किया गया।
डा एल एस राठौर ने इस अवसर पर कहा कि शहरों में प्रदूषण का स्तर बहुत उंचा हो गया है जोकि चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होने कहा कि वायुमण्डल में ओजोन, नाईट्रोजन आक्साईड, कार्बन मोनोक्साईड और आरपीएम की मात्रा बहुत अधिक हो गई है। डा राठौर ने कहा कि अब तो गांव में भी प्रदूषण का स्तर बढ रहा है और सल्फरडाईक्साईड, नाईट्रोजन ओक्साईड व ओजोन गैसे प्रदूषण का मुख्य कारण है। उन्होने कहा कि जमीन में एसिड की मात्रा प्रदूषण के कारण बढती जा रही है और ऐसा प्रदूषण कारखानों के पास ज्यादा पाया जा रहा है जिसके कारण जमीन बंजर हो रही है। डा राठौर ने सुझाव दिया कि  समय की मांग है कि हमें वैकल्पिक उर्जा के स्त्रोतों की तरफ सोचना होगा ताकि उर्जा की मांग बिना प्रदूषण पैदा किए की जा सके और विश्व के पर्यावरण को सुरक्षित बनाया जा सके।
 अतिरिक्त निर्देशक व प्रिंसिपल, गुरूकुल विद्यापीठ, चढीगढ, डा एस सी जैन ने कहा कि कारखानों से कार्बनडाईक्साईड, मिथेन, नाइट्रसआक्साईड, हाइड्रोफ्लोरोकार्बन जैसी गैसे विश्वभर में पर्यावरण सरंक्षण के लिए खतरा बन गई है और अगर समय रहते इन गैसो में कमी नही लाई गई तो मानव जीवन खतरे में आ सकता है। प्रो जैन ने कहा कि आजकल कई संस्थान कार्बन क्रेडिट उद्योगो को बेचती है ताकि कारखानों द्वारा कार्बन फुटप्रिंट में स्वैच्छित तौर से कमी लाई जा सके। उन्होने बताया कि एक कार्बन क्रेडिट एक टन कार्बन के बराबर होता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने कहा कि समय आ गया है कि पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए ताकि समय रहते इन समस्याओं से पार पाया जा सके।
डा रंगा ने कहा कि अब हमें पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए संयुक्त रूप से शोध करना चाहिए ताकि पर्यावरण को किसी भी पहलू से नुकसान न पहुंचे और एक साफ-सुथरे पर्यावरण का निर्माण हो सके। डा रंगा ने चिंता जताई कि रसायनों के अधिक इस्तेमाल होने की वजय से अब फूलों पर तितलियां ना के बराबर देखी जाती है। पहले फूलों पर अनेकों तितलियां देखी जाती थी। उन्होने कहा कि गांव में अब जोहड़ गंदे पानी एकत्रित करने का स्थान बन गए है जिसके कारण गांव में बहुत ज्यादा बिमारियां फैल रही है। डा रंगा ने बताया कि गंगा के किनारे बसे 132 शहरों का गंद गंगा नदी में गिरता है जिससे गंगा का जल दूषित हो रहा है और मतस्य जीवन को खतरा बन गया है। उन्होने कहा कि जलस्तर विश्वभर में कम होता जा रहा है अगर तीसरा विश्व युद्घ हुआ तो यकीनन वह जल पर अधिकार के लिए होगा। यह समस्या इतनी गंभीर हो गई है।   
पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग के डीन प्रो नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि विश्व में तेजाब वाली बरसात प्रदूषण, धरती का बढता तापमान, ओजोन परत का कमजोर होना, धुंआ, दूषित जल, जनसंख्या वृद्घि, वर्षा वनों की कटाई व हैजरड वेस्ट पर्यावरण प्रदूषण के मुख्य स्त्रोत है।  
प्रो बिश्नोई ने बताया कि 5 मार्च को समापन अवसर पर सैंट्रल पोलयूशन कंट्रोल बोर्ड, नई दिल्ली के पूर्व मैंबर सैकेट्री प्रो बी सैन गुप्ता मुख्य वक्ता होंगे। उन्होने बताया कि एन पी एल नई दिल्ली के प्रो प्रभात गुप्ता व प्रो एच एन दत्ता, यूनिवर्सिटी आफ हार्टफारशायर, यूनाइटिड किंगडम के रविन्द्र खेरवाल, आई आई टी रूडकी के प्रो जी एस रंधावा, आई आई टी, दिल्ली के प्रो अनुश्री मलिक, पंजाब विश्वविद्यालय, चढीगढ के प्रो ए एस आलूवालिया व प्रो नरेश कोचर, इंडियन इस्टटीच्यूट आफ रिमोट सैंसिंग, देहरादून के प्रो सत्य पी एस खुशवा, एम एम इंजीनियरिंग कालेज, मुलाना के प्रो बलदेव सेतिया, इंडियन इंस्टटीच्यूट आफ मैंटीइयरोलाजी, भारत सरकार के निर्देशक डा एस डी अत्री, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के डीन पी जी स्टडिज प्रो ओ पी टोकी, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के प्रो जी वालिनायागम, हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सैंटर के प्रो आर एस हुड्डा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के प्रो राजेश धनखड़, टैरी नई दिल्ली के प्रो प्रतीक शर्मा, जीबी पंथ विश्वविद्यालय के प्रो एच जे एस प्रसाद, इटालियन मिनिस्ट्री आफ एजूकेशन रोम इटली के डा रोबटो, चौ देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के प्रो सुरेश गहलावत, वीड साईंस रिसर्च जबलपुर के निर्देशक प्रो किशोर कुमार कृषनानी व बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के प्रो रांगनी गोथालवल विभिन्न तकनीकी सत्रों में व्याख्यान प्रस्तुत किए।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग में दो दिवसीय मल्टीडिसीपलीनरी अपोर्च इन फ्रंटियर एरियाज आफ इनवायरनमैंटल साइंस एण्ड इंजीनियरिंग विषय पर
राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ करते एडवाजर मिनीस्ट्री आफ अर्थ साईंसिस, भारत सरकार डा एल एस राठौर। साथ में विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा, कुलसचिव प्रो आर एस जागलान व अन्य।

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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग में दो दिवसीय मल्टीडिसीपलीनरी अपोर्च इन फ्रंटियर एरियाज आफ इनवायरनमैंटल साइंस एण्ड इंजीनियरिंग विषय पर
राष्ट्रीय सेमिनार के अवसर पर डा किशना राम बिश्नोई व प्रो नरसी राम बिश्नोई द्वारा संयुक्त रूप से लिखी पुस्तक आध्यात्मिक पर्यावरण की मीमांसा का विमोचन करते हुऐ डा एल एस राठौर, विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा व डा एस सी जैन।

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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग में दो दिवसीय मल्टीडिसीपलीनरी अपोर्च इन फ्रंटियर एरियाज आफ इनवायरनमैंटल साइंस एण्ड इंजीनियरिंग विषय पर
राष्ट्रीय सेमिनार के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिष्ठïता, विभागाध्यक्ष, विभाग के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण।

गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व नैशनल रिसर्च सैंटर फार इक्वाईंस के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग पर हस्ताक्षर हुए

हिसार
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार व नैशनल रिसर्च सैंटर फार इक्वाईंस, हिसार के बीच आज आपसी सहयोग के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग पर हस्ताक्षर हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा व नैशनल रिसर्च सैंटर फार इक्वाईंस, हिसार के निर्देशक डा आर के सिंह ने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, चेयरमैन, डिपार्टमैंट आफ बायो एण्ड नैनो टैक्नालाजी प्रो अशोक चौधरी, कुलपति के सचिव श्री प्रकाश अरोड़ा व जनसंपर्क अधिकारी श्री संजय सिंह उपस्थित थे।
कुलपति डा एम एल रंगा ने कहा कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग दोनो संस्थाओं की प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उच्च कोटि के यंत्रों पर प्रयोग करने का मौका देगा ताकि उच्च कोटि की तकनीकों को विकसीत किया जा सके। उन्होने कहा कि इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग से विभाग में पढ रहे एमएससी, एमटैक के छात्रों को व पीएचडी कर रहे शोधकत्ताओं को लाभ पहुंचेगा। डा रंगा ने कहा कि दोनो संस्थाएं एनीमल बायो टैक्नलाजी व नैनो साईंस टैक्नलाजी के विषयों पर संयुक्त शोध करेंगे व नैशनल रिसर्च सैंटर फार इक्वाईंस, हिसार में कार्यरत विज्ञानिकों को विश्वविद्यालय पीएचडी नियमों के तहत डिपार्टमैंट आफ बायो एण्ड नैनो टैक्नालाजी में दाखिला देगा।
प्रो अशोक चौधरी ने बताया कि संयुक्त शोध पर इंटरलैक्यूअल पापर्टी हक गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार व नैशनल रिसर्च सैंटर फार इक्वाईंस, हिसार का संयुक्त रूप से होगा।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डा एम एल रंगा व नैशनल रिसर्च सैंटर फार इक्वाईंस, हिसार के डा आर के सिंह आपसी सहयोग के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग पर हस्ताक्षर के उपरांत दस्तावेज देते हुए। साथ में है कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, चेयरमैन, डिपार्टमैंट आफ बायो एण्ड नैनो टैक्नालाजी प्रो अशोक चौधरी, कुलपति के सचिव श्री प्रकाश अरोड़ा व जनसंपर्क अधिकारी श्री संजय सिंह।

Monday, February 28, 2011

गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस आयोजित

हिसार 
                   पदम भूषण प्रो एन के गांगुली, प्रैजिडेंट, जेआईपीएमइआर, पोण्डिचेरी व पूर्व डायरेक्टर जरनल आइसीएमआर ने कहा कि रसायन विषय एक ऐसा विषय है जोकि स्वास्थ, उर्जा व पर्यावरण जैसी समस्याओं के समाधान में सहायक सिद्घ हो सकता है। प्रो गांगुली ने आज गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के सिलसिले मे इनोवेशन एण्ड आर एण्ड डी फार ऐलीवेशन आफ डिसीजिज आफ पावरटी विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। वर्ष 2011 को अन्तर्राष्ट्रीय रसायन वर्ष घोषित किया गया है। मैडम मैरी क्यूरी को सौ वर्ष पूर्व रसायन विषय में शोध पर नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था और रसायन विषय में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली मैडम मैरी क्यूरी पहली महिला वैज्ञानिक थी। 28 फरवरी भारत में हर वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योकि इस दिन भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीबी रमन ने 1928 में रमन इफेक्ट की घोषणा की थी। विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने इस अवसर पर शिक्षण खंड-3 का नाम बदलकर सर सीबी रमन शिक्षण खंड रखने की घोषणा की। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, प्रो आर मलहोत्रा, प्रो जेके शर्मा, डा डी कुमार व विभिन्न विभागों के अधिष्ठïता, विभागाध्यक्ष, विभाग के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कल्पना चावला मैमोरियल विज्ञान प्रश्नोत्तरी ट्राफी वर्ष 2011 विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग ने जीती है।
प्रो गांगुली ने कहा कि देश में चिकित्सा के क्षेत्र में शोध की जरूरत है ताकि 125 करोड़ देशवासियों को उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधाएं सस्ती दरो पर उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होने कहा कि इसके लिए उद्योग, सरकार, शोध व शिक्षण संस्थाओं को मिलजुल कर कार्य करना होगा ताकि नई दवाईयों की खोज की जा सके। प्रो गांगुली ने चिंता जताई कि मलेरिया, टीबी, कोड, लैसमेनिसिस, डेंगू, लैंपफैथेटिक फरेरिसस, टाईफाईड जैसी बिमारियां अभी भी मुंह बाए खड़ी है और देश में गरीब लोग इन बिमारियों की चपेट में है। प्रो गांगुली ने कहा कि भारत व चीन में विश्व के सबसे ज्यादा टीबी के मरीज है जोकि एक चिंता का विषय है, क्योकि भारत और चीन विश्व में सबसे अधिक जनसख्या वाले देश है। उन्होने कहा कि एचआईवी और टीबी से तीन मिलियन लोग ग्रस्त है और अफ्रीका में सबसे अधिक लोग इस बिमारी से ग्रसित है। प्रो गांगुली ने बताया कि टाईफाईड से हर वर्ष विश्व में 21 मिलियन लोग ग्रस्त होते है जिसमें से 2 से 6 लाख लोग मर जाते है इनमे ज्यादातर मरने वाले स्कूल में जाने वाले बच्चे होते है। 90 प्रतिशत लोग एशियाई देशों के होते है। विश्व में हर वर्ष मलेरिया, टीबी व एचआईवी से मरने वालो की संख्या 5 लाख से अधिक है।
प्रो गांगुली ने कहा कि समय आ गया है कि नई तकनीकों का इस्तेमाल कर बेहतर स्वास्थय सेवाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं में विज्ञान के प्रति रूची बढाने व देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए वैज्ञानिक सोच विकसीत करना आज की जरूरत है इसके लिए अध्यापकों की एक विशेष भूमिका होगी।
डा रंगा ने कहा कि स्कूलों की प्रयोगशालाओं में विज्ञान संबधित प्रयोग अधिक से अधिक करवाने चाहिए ताकि वैज्ञानिक सोच विकसीत हो सके।
कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने कहा कि 21 वी शताब्दी ज्ञान की शताब्दी है और हर 5 वर्ष में ज्ञान में दोगुनी वृद्घि हो जाती है। उन्होने कहा कि भारत में आजादी के बाद शोध में बहुत अधिक कार्य हुआ है और आज अमेरिका के प्रतिष्ठिïत शोध संस्थाओं में भारतीय उच्च पदों पर कार्य कर रहे है। प्रो जागलान ने कहा कि वैज्ञानिक सोच आज की मांग है और इसी सोच के साथ देश को तार्किक विकास की ओर ले जाया जा सके।
डीन आर मलहोत्रा ने बताया कि विभाग में एक करोड़ तीस लाख रूपये की लागत से एन एम आर फैसिलिटी लगाई जाऐगी ताकि उच्च कोटि का शोध किया जा सके।
विभाग के चेयरमैन प्रो जे के शर्मा ने बताया कि 1901 से 2010 तक 102 नोबेल पुरस्कार रसायन विषय में उच्च कोटि की शोध के लिए दिए गए है। उन्होने बताया कि 62 रसायन वैज्ञानिकों को अकेले व 40 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
डा डी कुमार ने बताया कि पेपर रिडिंग में सुश्री मोनिका ने प्रथम, श्री अन्नत ने दूसरा जबकि तीसरा स्थान सुश्री जैसलीन ने प्राप्त किया। उन्होने बताया कि निबंध लेखन प्रतियोगिता में रसायन विभाग की सुश्री निशा ने प्रथम जबकि बायो व नैनो टैक्नालाजी विभाग की पल्लवी दूसरे स्थान पर रही। तीसरा स्थान फतेह चंद महिला महाविद्यालय, हिसार की सुश्री सरिता ने प्राप्त किया। उन्होने बताया कि पोस्टर मेंकिंग में सुश्री निशा सिंह ने प्रथम, सुश्री पुनिता ने दूसरा व सुश्री कंगन शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सुश्री सीमा रानी व श्री विजेन्द्र सिंह ने प्रथम, सुश्री सुदेश कुमारी व श्री सुधीर यादव ने दूसरा व श्री दीपक शर्मा व श्री प्रवीण गुप्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में विज्ञान दिवस के अवसर पर ज्योति प्रजवलित करते प्रो एन के गांगुली, प्रैजिडेंट, जेआईपीएमइआर, पोण्डिचेरी। साथ में है विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा व अन्य।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्टï्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिक विभाग के चेयरमैन प्रो नरसी राम व विभाग के विद्यार्थियों को कल्पना चावला मैमोरियल विज्ञान प्रश्नोत्तरी ट्राफी वर्ष 2011 देते  हुए प्रो एन के गांगुली। साथ में है विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा व अन्य।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्टï्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रो एन के गांगुली को शाल भेंट करते विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा। साथ में कुलसचिव प्रो आर एस जागलान।
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 गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्टï्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिष्ठïाता, विभागाध्यक्ष, विभाग के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्टï्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मंच पर उपस्थित प्रो एन के गांगुली, कुलपति डा एम एल रंगा, कुलसचिव प्रो आर एस जागलान व अन्य।
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गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के रसायन विभाग में राष्टï्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर उपस्थित जनो को संबोधित करते प्रो एन के गांगुली।

पारदर्शिका प्रतियोगिता का आयोजन किया

ओढ़ां
    माता हरकी देवी शिक्षण महाविद्यालय ओढ़ां में अंग्रेजी साहित्य क्लब की ओर से पारदर्शिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों से अंग्रेजी विषय वस्तु से संबंधित पारदर्शिका तैयार करने को कहा गया।
    अंग्रेजी की प्रवक्ता राजरानी व दीप्ति रेढू की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रतियोगिता में बी.एड की छात्राओं न बढ़-चढ़कर भाग लिया। निर्णायक मंडल की भूमिका अंग्रेजी प्रवक्ता रेनू जैन और शीतल ने निभाई। इस प्रतियोगिता में निधि ने प्रथम, दीपिका ने द्वितीय व पूजा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन विजेता छात्राओं को प्राचार्य डा. सुभाषचन्द्र व निर्णायक मंडल ने बधाई तथा प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया।