Saturday, April 30, 2011

लादू राम पूनियां जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य मनोनीत

 बकरियांवाली
हरियाणा सरकार ने बकरियांवाली के पूर्व सरपंच व वरिष्ठ कांग्रेस नेता लादू राम पूनियां को जिला कष्ट निवारण समिति सिरसा का सदस्य मनोनीत किया है। उल्लेखनीय है कि लादू राम पूनियां बड़े लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर पार्टी की सेवा करते रहे हैं। इसके अलावा पूनियां गांव बकरियांवाली के लगातार पांच बार सरपंच निर्वाचित होते रहे हैं। पूनियां का अपने गांव व आसपास के क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव है और वे हर व्यक्ति के सुख-दु:ख में हमेशा उनके साथ खड़े होते हैं। अपनी इस नियुक्ति पर पूनियां ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद ङ्क्षसह गिल्लांखेड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे और आम आदमी के हितों की आवाज उठाएंगे।

अमृतसर में सम्पन्न अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हिसार मंडल के जिला सिरसा के थाना डिंग को हरियाणा प्रदेशभर के थाना में शीर्ष स्थान प्रदान किया गया

सिरसा। श्री अनंत कुमार ढुल, पुलिस महानिरीक्षक, हिसार मंडल, हिसार के थानों को पूर्णतया नागरिक कें्रदित बनाने के प्रयत्न अब श्रेष्ठ परिणाम दिखने लगें है। हिसार मंडल के थानों को नागरिक कें्रदित बनाने का अभियान श्री ढुल द्वारा तीन वर्ष पूर्व आरंभ किया गया था। उन्ळोने बतलाया कि इस नई पहल में मंडल के पांचों जिलों के छह थानों यानि कि चार जिलों से एक एक थाना तथा जिला भिवानी से 2 थानों को 'अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठनÓ(द्बह्यश)9001 स्तर तक लाने के लिए एक अधिकल्पित कथन तथा उद्देश्यों की रचना की गई तथा विस्तृत दस्तावेजीकरण किया गया। यह कार्य 2 वर्षों से अधिक समय तक चलता रहा। इन थानों की आडिट के लिए 'भारतीय मानक ब्यूरोÓ(ड्ढद्बह्य)को चुना गया क्योंकि यह देश में एकमात्र स्तर का मानक निकाय है। यह सभी मानकों की रचना करता है तथा अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन प्रमाणीकरण करता है। यह गर्व की बात है कि इन थानों की क्रियाविधि उदाहरणत- शिकायत प्रणाली, बनावट, सफाई, व्यवहार, अंवेषण, मालखाना, प्रबंधन, रिकार्ड, कम्प्यूटीकरण, अवरोध अवस्थाएं तथा अनेक प्रशिक्षण प्रबंधों की 'भारतीय मानक ब्यूरोÓ द्वारा गहन लेखा परीक्षा उपरांत इन सभी छ: थानों को 'अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठनÓ 9001-2008 प्रमाणपत्र प्रदान किए। इन थानों को भारतीय मानक ब्यूरो ने ंअंर्तराष्ट्रीय स्तर के थानों के समान पाया। उन्होने यह भी बतलाया कि हमारे थाने नागरिक कें्रदिय थानों के संबंध में भारतीय गृह मंत्रालय का अनुसरण कर रहें हैं।
आगे श्री ढुल ने बतलाया कि 'एल्टस ग्लोबल एलायन्सÓ ने दिनांक 18 से 24 अक्तूबर 2010 में थाना भ्रमणकारी सप्ताह का आयोजन किया था। एल्टस एक वैश्विक सन्धि है जो महाद्वीपों के आर पार कार्यरत है तथा अनेक संस्कृतियों की ओर से पुलिस सुरक्षा तथा न्याय में सुधार करती है। एल्टस का संबंध पुलिस कार्यप्रणाली पर प्रभावपूर्ण तथा न्यायोचित नियंत्रण से है। एल्टस में 200 से अधिक विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों एवं वैधानिक प्रथाओं के संगठित पेशेवर लोग न्याय के लिए एक शक्तिशाली वैश्विक संधि के रूप में कार्य कर रहें है। थाना भ्रमणकारी सप्ताह से अभिप्राय स्थानीय थानों में विश्व स्तरीय अच्छी सेवाओं की प्रगति के लिए जन भागीदारी के मूल्यांकन से है। दिनांक 18 अक्तूबर से 24 अक्तूबर 2010 एक सप्ताह की अवधि में 6200 से अधिक नागरिकों ने नजदीकी स्थानों पर इस कार्यक्रमों में भाग लिया। हरियाणा के प्रत्येक जिला के सर्वोत्तम थाना जिनमें हिसार मंडल के छह: थाने शामिल है, का एल्टस थाना भ्रमणकारी सप्ताह द्वारा निरीक्षण किया गया था। हरियाणा का परिणाम इस प्रकार रहा:- जो क्रमश प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, छठे व आठवें स्थान पर रहे तथा थाना डिंग (सिरसा) को सर्वश्रेष्ठ माना गया और इसके बाद थाना उचाना(जींद), थाना तोशाम(भिवानी), थाना बौन्द कलां (भिवानी), थाना शहर फतेहाबाद व थाना सिविल लाईन हिसार रहे।
इसके उपरांत एल्टस ने भारत के प्रत्येक राज्य के सर्वश्रेष्ठ थाना का दौरा किया। डा. सिदिकी, पूर्व महानिदेशक पंजाब ने थाना डिंग(सिरसा) का दौरा किया। इस संबंध में 'थाना सुधार: एशिया महाद्वीप से यथार्थ मित्रणÓ के नाम से 'एल्टस ग्लोबल एलायन्सÓ ने अमृतसर (पंजाब) में 4 अपै्रल, 2011 को एक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में एशिया में भारत के 8 थानें, बंगलादेश, नेपाल, मालद्वीप तथा पाकिस्तान के एक एक थानों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया गया था।
भारत के 8 थानों में से थाना डिंग (सिरसा) को इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए छांटा गया। डॉ. अजय कुमार, वरिष्ठ विज्ञानिक अधिकारी जो हिसार मंडल के सभी छ: अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन थानों का समन्वय कर रहे हैं, को इस सम्मेलन में थाना डिंग (सिरसा) के सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतिकरण के लिए नामित किया गया।
    श्री ढुल ने आगे बताया कि एल्टस ने थानों की कार्यविधि को पांच मापदंडों अर्थात जन समुदाय पहल, इन्फ्रास्ट्रक्चर भवन स्थिति, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व, समान उपचार व बंदीगृह की स्थिति के आधार पर परखा। सम्मेलन में उपरोक्त सभी मापदंडों अनुसार थाना डिंग की कार्यप्रणाली की सभी तरह से प्रशंसा की गई। विशेषकर इसकी शिकायत प्रणाली, थाना के महत्वपूर्ण स्थानों पर दर्शाई गई सारिणी एवं चार्ट के रूप में आंकड़ों का विश्लेषण ताकि हर कोई थाना के प्रत्येक उपभाग की प्रगति को जान सके। विभिन्न प्रकार के केसों के अन्वेषण बारे कार्यनिर्देश, थाना में की जा रही विभिन्न क्रियाओं के लिए मानक क्रिया विधि जिससे सुनिश्चित होता है कि संबंधित कर्मचारी इसका अनुशरण करता है। विशेष उद्देश्य जो मापनीय है, हमारे विचार से जनता और पुलिस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जो एक-दूसरे से अलग नहीं किये जा सकते। मानवाधिकार सुरक्षा बाबत जागरूकता कार्यक्रम/प्रशिक्षण आदि। हिसार मंडल का थाना डिंग (सिरसा) को हरियाणा के थाना में सर्वश्रेष्ठ माना गया है और अमृतसर में 5 अप्रैल 2011 को डॉ. अजय कुमार ने सर्वश्रेष्ठ थाना की ट्राफी व ईनाम श्री शिवराज पाटिल, माननीय राज्यपाल पंजाब व श्री सुखबीर सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री पंजाब ने प्राप्त किया।
    श्री अनंद कुमार ढुल पुलिस महानिरीक्षक, हिसार मंडल हिसार ने कहा कि थाना डिंग की हरियाणा के थानों में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि ही अंतिम पड़ाव नहीं है, बल्कि सभी पुलिस थानों को नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में पहल मात्र है जैसा कि 'थानों में सतत सुधारÓ ही हमारी सभी प्रकार की उपलब्धियों का निश्चित उद्देश्य है।

फोरलेन सड़क मार्ग निर्माण कार्य के लिए स्थानीय निवासियों ने गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा का आभार जताया

सिरसा, 30 अप्रैल। रानिया चुंगी से रामनगरिया तक तीव्रता से चल रहे फोरलेन सड़क मार्ग निर्माण कार्य के लिए स्थानीय निवासियों ने गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा का आभार जताया है। रानियां चुंगी से रामनगरिया पेट्रोल पंप तक की 2.4 किलोमीटर लंबी व 81 फुट चौड़ी सड़क का निर्माण 10 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जा रहा है। इस सड़क निर्माण के मार्ग में करीब 143 बिजली के खंबे और कुछ पेड़ अवरोधक बने हुए थे, जिनको हटाने के लिए संबंधित विभागों से मंजूरी लेने के बाद गृह राज्यमंत्री के निजी प्रयासों से कार्य में तेजी लाई गई है। गोपाल कांडा के प्रयासों से बिजली, वन, राजस्व और बी. एंड आर. विभाग में व्याप्क तालमेल बैठाया गया है, ताकि सड़क निर्माण कार्य मई माह में ही पूर्ण कर लिया जाए। स्थानीय निवासी पार्षद राजेन्द्र गुर्जर, पार्षद परमजीत कौर, सतपाल ठेकेदार, ओम डाबला, पूर्व पार्षद गुरमुख, रवि फुटेला, रवि मेहता सहित अनेक लोगों ने सड़क निर्माण प्रगति पर संतोष जताते हुए गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा का तीव्र गति से निर्माण कार्य करवाने पर आभार प्रकट किया है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि शहर का यह मार्ग पिछले 25 सालों से उपेक्षा का शिकार रहा है, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, पर अब इन सब परेशानियों से उन्हें निजात मिल जाएगी। उल्लेखनीय है कि फोरलेन बनने वाले इस 2.5 किलोमीटर मार्ग का एक्सप्रैस हाईवे की तर्ज पर निर्माण किया जा रहा है, जिसमें डिवाइडर, स्ट्रीट लाईट के पोल, बरसाती पानी के लिए ड्रेनेज और फव्वारे लगाने सहित अनेक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
फोटो परिचय:- सड़क किनारे से बिजली के खंबे और वृक्ष हटाते विभागीय कर्मचारी।

स्व. प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी का सपना था कि बच्चे शिक्षित हों और शिक्षा की लहर गांव-गांव,घर-घर तक पहुंचे

ओढां
स्व. प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी का सपना था कि बच्चे शिक्षित हों और शिक्षा की लहर गांव-गांव,घर-घर तक पहुंचे। इसी को लेकर उन्होंने गांवो में जवाहर नवोद्य विद्यालयों की स्थापना की। यह बात सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव डा.अशोक तंवर ने कही। वे ओढां स्थित जवाहर नवोद्य विद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों एवं लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व विद्यालय प्रांगण में पहुंचने पर स्काउट गु्रप द्वारा उन्हें सलामी दी गई। डा. तंवर ने विद्यालय प्रांगण में स्थापित स्व. प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर माला अर्पण कर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। सांसद तंवर ने कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया। यहां पहुंचने पर प्रचार्य डा. जीके मिश्रा ने उनका स्वागत किया और विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। वार्षिकोत्सव समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जिनका उपस्थित लोगों ने तालिया बजाकर उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा और मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी डा. केवी सिंह बतौर वशिष्ट अतिथि शरीक हुए। मंच संचालन चरित्र नारंग व कमलेश गोयल ने किया
          उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए डा. तंवर ने कहा कि सिरसा जिला में बालिकाओं में निरक्षरता का अंधेरा दूर करने के लिए ओढां सहित सभी खंडों में एक-एक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मॉडल स्कूलों की स्थापना की जाएगी। इन स्कूलों के निर्माण पर पांच करोड़ रुपए की राशि प्रति स्कूल खर्च होगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में लड़कियों को स्कूलों में ही पढऩे व ठहरने की सुविधाएं नि:शुल्क मुहैया होगी। डा. तंवर ने कहा कि आज हरियाणा प्रदेश तेजी से एक शिक्षा हब के रूप में उभर कर सामने आया है। प्रदेश में अन्तर्राष्टïीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थापित की जा रही है। प्रदेश में स्थापित शिक्षा संस्थानों में विद्याॢथयों को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर की उच्च गुणवत्ता परक शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से उन्नति कर रहा है और यह शिक्षा के कारण ही सम्भव हुआ है।
                       सांसद तंवर ने कहा कि पिछले छ: वर्षो में सरकार ने शिक्षा,स्वास्थ्य,समाज कल्याण,महिला कल्याण,रोजगार व बुनियादी सुविधाओं के विस्तारीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। यही कारण है कि आज देश में तेजी से प्रगति हो रही है और पूरी दुनियां के बड़े उद्योग घराने हमारे देश में उद्योग लगाने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक व बौद्धिक विकास को बढ़ाना है ताकि वे एक अच्छे नागरिक बन कर देश की सेवा कर सके। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर शिक्षा ग्रहण करे और देश का नाम रोशन करें।  सांसद तंवर ने विद्यालय समिति को बुलेरो गाड़ी व बच्चों के खेलने के लिए क्रिकेट किट देने का ऐलान किया।
                        पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा ने कहा कि मानव संसाधन के समुचित विकास के लिए शिक्षा एक महत्वपूर्ण कड़ी है इसलिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू किया है। 6 से 14 वर्ष तक के शिक्षा से वंचित लगभग आठ करोड़ बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सभी बच्चों के लिए भी अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आज हरियाणा खेलों के मामले में भी काफी आगे है। उन्हें बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों का संचार भी करना चाहिए ताकि वे भविष्य में एक अच्छे नागरिक बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक बच्चे विशेषकर वंचित वर्गों को बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे है। इसके तहत पढ़ाई का खर्च वहन न कर सकने वाले कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए कई छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की गई है।
                                    पूर्व ओएसडी डा. केवी सिंह ने कहा कि देश व समाज की प्रगति उसके नागरिको की शिक्षा के स्तर पर निर्भर करती है। आगामी पांच सालों में शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा का स्थान देश ही नहीं अपितु विश्व मानचित्र में अंकित होगा। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य बच्चो पर ही निर्भर करता है। जिस देश के  बच्चे अधिक शिक्षित होगे,वह देश व प्रदेश उन्नती के  पथ पर उतना ही अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने शिक्षा के गांव-गांव में प्रचार व प्रसार के लिए विशेष नीतियां बनाई है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चे भी अधिक शिक्षा ग्रहण कर सके।                             
                       इस अवसर पर उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह खोसा,ब्लॉक कांग्रेस के शहरी प्रधान भूपेश मेहत्ता,पार्षद रमेश मेहता,सुरजीत बहावदीन,तेजभान पनिहारी, तिलकराज चन्देल,जगसीर मिठड़ी,जसविन्द्र सोनी,जगदीश जोहरा, सांसद के निजी सचिव परमवीर सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

Friday, April 29, 2011

प्रदेश सरकार हर वर्ग को बुनियादी सहुलतें उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है

सिरसा 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग को बुनियादी सहुलतें उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि होशियारी लाल शर्मा ने बीती शाम गांव नटार में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कही। गांव में पहुंचने पर ग्राम पंचायत की ओर से श्री शर्मा का पगड़ी पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर उनके साथ मा. राजकुमार वर्मा, संजय शर्मा, गांव बनसुधार के राजेश गोस्वामी व सूरज गोस्वामी भी मौजूद थे। गांव में बिजली, पानी, कच्ची सड़क की समस्या सहित अन्य समस्याओं से काफी समय जूझ रहे ग्रामीणों ने श्री शर्मा के समक्ष अपनी समस्या बयान की। इस दौरान श्री शर्मा ने कहा कि गांव में सड़क के निर्माण के लिए वे निजी स्तर पर संबंधित अधिकारियों के संपर्क करके उसे पूरा करवाने की प्रयास कर रहें हैं । उन्होंने कहा कि सरकार ने भी किसानों को उनकी फसल के हिसाब से अच्छा सरकारी रेट निर्धारित किया हुआ है। जिससे प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिती बेहतर होगी। श्री शर्मा ने यह भी कहा कि गरीब लोगों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर कामयाब बनाई जा रहीं है। जनता को भयमुक्त शासन देना ही कांग्रेस पार्टी का मुख्य लक्ष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में क्राईम काफी हद तक कम हो चुका है। इस मौके पर सरपंच मंजीत सिंह, पूर्व सरपंच राकेश कुमार, गुरनाम सिंह, शेरचंद पंच, कृष्ण लाल कंबोज, ज्योत सिंह, हरीश कुमार, सुरेंद्र पाल, रजत सिंह ढिल्लों, रमन, मुख्तयार सिंह, बूटा सिंह, जीतो बाई, निर्मला रानी, गुरनाम चंद, सतनाम चंद सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

वर्क इंस्पैक्टर श्री राम कुमार सेवानिवृत हुए

हिसार 29 अप्रैल 2011
    गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के वर्क इंस्पैक्टर श्री राम कुमार आज सेवानिवृत हुए।  इस अवसर पर एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा, कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, कार्यकारी अभियन्ता श्री अशोक अहलावत, अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के कुलपति डा रंगा ने इस अवसर पर श्री राम कुमार को उनकी सेवानिवृति सम्बन्धित लाभ के दस्तावेज प्रदान किए।  डा रंगा ने श्री राम कुमार को विश्वविद्यालय प्रशासन में एक अहम भूमिका निभाने के लिए उनकी प्रशंसा की और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।  
    डा रंगा ने इस अवसर पर श्री राम कुमार को एक ईमानदार, कर्मठ, कतव्र्यनिष्ठ, निष्ठावान व मेहनती कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।  श्री राम कुमार के पास जूनियर इंजीनियर सीविल का अतिरिक्त कार्यभार भी था।
    श्री राम कुमार ने विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा, कुलसचिव प्रो आरएस जागलान व अपने विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के निरन्तर सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
श्री राम कुमार ने 22 जून 1970 को कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में बतौर मोटर मैट से अपना कैरियर शुरू किया व 24 नवम्बर 1973 को वर्क चार्ज बेसिस पर वर्क इंस्पैक्टर के पद पर नियुक्ति हुई। श्री राम कुमार 7 अप्रैल 1984 को कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र में बतौर नियमित वर्क इंस्पैक्टर नियुक्त हुए व कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र के हिसार रिजनल सैंटर में कार्य करने लगे। 20 अक्तूबर 1995 को श्री राम कुमार गुरू जंभेश्वर विश्वविद्याल, हिसार से जुड़ गए। उनकी उत्कृष्टï सेवाओं के लिए विश्वविद्यालय ने उन्हे श्रेष्ठï कर्मचारी के रूप में सम्मानित किया। श्री राम कुमार आज 40 साल व 9 महीने कार्य करने के बाद सेवानिवृत हुए है।   
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने विदाई समारोह में श्री राम कुमार की अच्छी सेहत की कामना की और विश्वविद्यालय में उनके कार्यों की सराहना की।

फोटो कैप्शन :
फोटो-1
गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डा एम एल रंगा, वर्क इंस्पैक्टर, श्री राम कुमार को सेवानिवृति के अवसर पर शाल भेंट व सेवानिवृति सम्बन्धित लाभ के दस्तावेज प्रदान करते हुए। साथ में कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, कार्यकारी अभियन्ता श्री अशोक अहलावत व अन्य।

बालम जी घड़वा दो मेरी पायल.

ओढ़ां
    जवाहर नवोदय विद्यालय ओढ़ां में शुक्रवार को विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. जी.के मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित सिरसा के सांसद डॉ. अशोक तंवर ने वर्ष 2010-11 में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी डॉ. के.वी सिंह व पूर्व शिक्षा मंत्री जगदीश नेहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
    इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. तंवर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का सपना था कि ग्रामीण आंचल में पढऩे वाले विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त हो और हमारा देश 21 वीं सदी का भारत बने। उनका यह सपना आज जवाहर नवोदय विद्यालयों के रूप में साकार हो गया है।
उन्होंने कहा कि सभी जवाहर नवोदय विद्यालयों को हाइटैक करने हेतु केंद्र सरकार का 200 करोड़ रुपए की लागत से भारत संचार निगम से एग्रीमेंट हुआ है। उन्होंने कहा कि सन 1987 में जवाहर नवोदय विद्यालय के रूप में जो पौधा श्री राजीव गांधी ने लगाया था वो आज एक वृक्ष का रूप धारण कर चुका है और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है
    इस अवसर पर विद्यालय के संगीत अध्यापक मोहन लाल शर्मा के नेतृत्व में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सर्वप्रथम अमन जांगड़ा व भावना ने सरस्वती वंदना, संतोष हरप्रीत श्वेता व अन्यों ने स्वागत गीत, भावना, सरिता, सुनीता ने हरियाणवी डांस बालम जी घड़वा दो मेरी पायल.. कोमल व वर्षा एंड पार्टी ने राजस्थानी लोकनृत्य रूणी चेरा घडिय़ा अजमाल जीरा कंवर.. गुरतेज, बीरबल व रोहित ने बीन की तान पर
नाग डांस करके सबको मोहित कर दिया, दीक्षा, परीक्षा व सखियों ने तेलगू सोंग, सुमन, पूनम व सखियों ने एक्शन सोंग हम जंग ना होने देंगे.. पंजाबी गिद्दा व भंगड़ा के तहत बोलियां मालवे दी जट्टी वे मैं गिद्देयां दी रानी हां.. कोरे कोरे कूजे विच दहीं मैं जमानी आं.. जे मुंडेयो तुहाडा व्याह नहियों हुंदा.. बल्ले वे जे मैं हुंदी जैलदारनी.. तेरी मां दी तेरी मां दी खंड मुक जे.. आओ जी, जी आयां नूं मैं लख लख शुकर मनावां.. मेरे देश दा तिरंगा नी बड़ा सोहना..। इसके अलावा मोनिका, रवि, अनीता, कर्मजीत व साथियों ने हिंदी नाटक शिक्षा का महत्व के माध्यम से बताया कि एक ग्रामीण परिवार अपने बेटा व बेटी को पढऩे हेतु शहर भेजते हैं और जब बेटी डाक्टर व बेटा इंजीनियर बनकर आते हैं तो कैसे गांव का नक्शा ही बदल देते हैं।
    इस अवसर पर कांग्रेस के जिला प्रधान मलकीत सिंह खोसा, शहरी प्रधान भूपेश मेहता, ब्लॉक प्रधान जगसीर मिठडी, अध्यापक अभिभावक संध के प्रधान परमजीत सिंह बराड़, सकताखेड़ा के सरपंच रणजीत सिंह, कौर सिंह कुंडर, गुरजंट सहु, रामकुमार नेहरा, सतिंद्र जीत सोनी, जगतार सिंह देसू मलकाना, अवतार सिंह सालमखेड़ा, काला सिंह घुकांवाली, नत्था सिंह प्रेमी, चरित्र नांरग, जे.सी जोरा, कमलेश गोयल, अमृतलाल, विजय सोखल सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

युवा वर्ग शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी ग्रहण करें

 ओढ़ां
युवा वर्ग शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी ग्रहण करें तभी हम समाज व राष्ट के नव निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह आह्वान बिजली, अक्षय उर्जा तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री ने आज जिले के गांव पन्नीवाला मोटा में स्थित चौ0 देवीलाल राजकीय इंजीनियरिंग कालेज द्वारा आयोजित तक्ष-11 के वार्षिक समारोह के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग देश का भावी कर्णधार है वे राष्ट की धरोहर तथा भविष्य हैं इसलिए युवा वर्ग को बुराइयों से बचना होगा। युवा वर्ग को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ बुद्धिजीवियों से अच्छे संस्कार भी प्राप्त करने होंगे। अच्छे संस्कार ग्रहण करने से सुविचार उत्पन्न होते हैं जो समाज व देश की उन्नति के लिए सहायक सिद्ध होते हैं।
    श्री सिंह ने कहा कि साईंस व तकनीकी शिक्षा की आज के समय की जरूरत है।  शिक्षा का जीवन में बहुत महत्व है अच्छे संस्कार व शिक्षा के बिना कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकता इसलिए राज्य सरकार प्रदेश को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने जा रही है। आने वाले दिनों में हरियाणा शिक्षा के मामले में विश्व में अग्रणी स्थान पर होगा। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि हरियाणा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मानचित्र पर अपनी अलग से पहचान कायम करें जिससे हम अपने मौजूदा संसाधनों व जनशक्ति से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। आज प्रगति का दूसरा नाम हरियाणा है जिसका पूरा श्रेय आम जनता के साथ-साथ यूपीए अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह तथा मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के ओजस्वी मार्गदर्शन को देता हूं। हालांकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग का समान विकास हुआ है। आर्थिक विकास की दर की कसौटी पर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। हरियाणा में वर्तमान मूल्यों पर प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 77 हजार 878 रुपए है।
    तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6 वर्षो में 408 तकनीकी संस्थानों की स्थापना हुई जिससे 90 हजार 340 सीटों की बढ़ौतरी हुई है। राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों में फीस माफ की गई है। सभी डिग्री व डिप्लोमा कोर्सो में आनॅलाईन काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश के लिए भारत सरकार द्वारा हरियाणा को गोल्ड आईकान से पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए, बी फार्मेसी जैसे कोर्सो की सभी शाखाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्राओं को 5100 रुपए के नकद पुरस्कार दिया गया है।  इस स्कीम के तहत  466 लाभार्थियों केा 23 लाख 76 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार हरियाणा के छात्रों को एआईईईई व आईटाआई, सीएटी, जीएटीई में अव्वल आने वाले छात्रों को एक लाख रुपए और पहले दस स्थानों पर आने वाले को 51 हजार रुपए का नकद इनाम दिया जाता है। प्रदेश में लड़कियों को तकनीकी शिक्षा संस्थानों में 25 प्रतिशत ओरिजंाटल आरक्षण का प्रावधान किया गया है। विध्यार्थियों  को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए बहुतकनीकी संस्थानों तथा इंजीनियरिंग कालेजों में रोजगार प्रकोष्ठों को ज्यादा सक्रिय किया गया है।
    मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे वहीं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा में वृद्धि के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। सरकार की योजनाओं के तहत दस करोड़ रुपए की ग्रांट चौ0 देवीलाल राजकीय इंजीनियरिंग कालेज को प्रदान की गई। कालेज प्रबन्धक कमेटी द्वारा रखी गई मांगों का श्री सिंह ने मौके पर ही समाधान किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विध्यार्थियों को सम्मानित किया गया
    इस मौके पर चौ देवी लाल राजकीय मैमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक में डा0  डी एस मोर ने मुख्यअतिथि महेन्द्र प्रताप सिंह जी  का स्वागत करते हुए कहा कि इस कालेज की स्थापना 2003 में हुई थी। आज यह इंजीनियरिंग कालेज दिन दोगुणी रात चौगुणी उन्नति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री  जी इस कालेज के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा तैयार रहते है इन्हीं के बदौलत ग्रांट मिली। डा0 मोर ने वार्षिक गतिविधियों बारे जानकारी दी और मंत्री जी का जीवन परिचय, कार्यशैली व उन द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो का विस्तार से जानकारी दी । इस मौक पर कालेज के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी।
    इस अवसर पर पुर्व विधायक मनीराम केहरवाला , पूर्व जिला प्रधान  एवमं प्रदेश प्रतिनिधि होशियारी लाल शर्मा ,कॉलेज के रजिस्टार एम सी जैन ,मंत्री के निजि सचिव सज्जन सिह सहित विभिन्न गांव  के सरपंच व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दर को बढाने के उद्देश्य से कोचिंग

हिसार 29 अप्रैल 2011
प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार विश्वविद्यालय में पढ रहे छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दर को बढाने के उद्देश्य से कोचिंग प्रदान करेगा। इस केन्द्र का उदघाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा ने किया व कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने की। यह प्रशिक्षण विश्वविद्यालय कैरियर स्पार्क के सहयोग से करेगा। प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र 2 मई से विश्वविद्यालय के धार्मिक अध्ययन केंद्र में सुबह व शाम को कक्षाएं आयोजित करेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द की समन्वयक प्रो उषा अरोड़ा, प्रो एच एल वर्मा, प्रो धमेन्द्र कुमार, प्रो कुलदीप बंसल, प्रो आर के गुप्ता, प्रो मिलंद पारले, डा संदीप राणा, डा कर्मपाल, डा शबनम सक्सेना, डा आरोहित, कैरियर स्पार्क के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री रविन्द्र सैनी, श्री पंकज चौधरी व विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिष्ठïाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण एवं विद्यार्थी भारी संख्या में उपस्थित थे
    कुलपति डा एम एल रंगा ने कहा कि आज का समय प्रतिस्पर्धा का समय है और जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं को गंभीरता से लेते हंै उनका सफल दर अधिक होता है। यह देखा गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत अधिक संख्या में छात्र भाग लेते है लेकिन वही छात्र परीक्षा उर्तीण कर पाते हैं जिन्हें परीक्षा की समझ हो। उन्होने कहा कि आज के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा की प्रणाली को समझकर अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिए। डा रंगा ने कहा कि अच्छी प्लेसमैंट के लिए साफ्टस्कील व पर्सनैलिटी डव्लपमैंट होना आवश्यक है। 
कुलसचिव प्रो आर एस जागलान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में समय प्रबधंन की महत्वपूर्ण भूमिका है जो विद्यार्थी समय सीमा में रहकर कम समय में अधिक प्रश्नों के उत्तर लिखते हैं उनका सफलता का प्रतिशत अधिक होने की संभावना रहती है। उन्होने कहा कि छात्रों को बहुमुखी ज्ञान होना अति आवश्यक है।
प्रो उषा अरोड़ा ने कहा कि आज के छात्र होनहार तो है लेकिन अगर वे परीक्षा प्रबंधन सही तरीके से करें तो अधिक अंक प्राप्त कर सकते है। उन्होने कहा कि किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए यह आवश्यकता है कि विद्यार्थी पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को कई बार हल करे।
कैरियर स्पार्क के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री रविन्द्र सैनी ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के सामाजिक व आर्थिक परिवेश में मूलभूत परिवर्तनों के चलते सामान्य शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास अति आवश्यक हो गया है। प्राय: यह देखा गया है कि कोरपोरेट सैक्टर द्वारा विद्यार्थियों के एटीटयूड पर अधिक बल दिया जाता है। यदि स्नातक के प्रारम्भिक वर्षों से ही प्रतियोगी परीक्षाओं का एक प्लान बनाया जाए और तैयारी आरम्भ कर दी जाए तो सफलता मिलने की संभावनाए प्रबल हो जाती है। प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द विद्यार्थियों को बैंकों, यूजीसी नैट, कैट व मैट की परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ पर्सनैलिटी डव्लपमैंट के बारे में भी प्रशिक्षण देगा।  
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प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का उदघाटन करते विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा, कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द की समन्वयक प्रो उषा अरोड़ा व कैरियर स्पार्क के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री रविन्द्र सैनी।
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प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का उदघाटन अवसर पर मंच पर आसिन विश्वविद्यालय के कुलपति डा एम एल रंगा, कुलसचिव प्रो आर एस जागलान, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द की समन्वयक प्रो उषा अरोड़ा व कैरियर स्पार्क के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री रविन्द्र सैनी।
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प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का उदघाटन अवसर पर उपस्थित विश्वविद्यालय के विद्यार्थीगण।

बिजली उत्पादन के मामले में आगामी 2012 तक हरियाणा आत्मनिर्भर प्रदेश होगा

सिरसा, 29 अप्रैल।
     बिजली उत्पादन के मामले में आगामी 2012 तक हरियाणा  आत्मनिर्भर प्रदेश होगा । वर्तमान सरकार के 6 वर्ष के कार्यकाल में भी हरियाणा में 3230 मैगावाट बिजली उत्पादन किया गया, जो पिछले 40 वर्षो में किए गए बिजली उत्पादन से दोगुणा से भी अधिक है।
    यह बात प्रदेश के बिजली मंत्री श्री महेन्द्र प्रताप सिंह ने आज स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में
पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए कही। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार से पहले 40 वर्षो में हरियाणा में बिजली का कुल उत्पादन 1587 मैगावाट हुआ, जबकि गत 6 वर्षो में बिजली उत्पादन 3230 मैगावाट हुआ। इस समय राज्य में पारम्परिक एवं गैर पारम्परिक स्रोतो से 5700 मैगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। भविष्य में बिजली उत्पादन क्षेत्र में सरकार की कई योजनाएं हैं, जिससे प्रदेश बिजली उत्पादन के मामले में शीघ्र ही आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि आवश्यकता से अधिक बिजली पैदा करने वाला प्रदेश होगा। राज्य में इस समय रात के समय चार हजार मैगावाट के लगभग बिजली की जरूरत पड़ती है, दिन के समय बिजली की जरूरत कम होती है। आज प्रदेश में बिना किसी बाहरी खरीद के लोगों को जरूरत अनुसार बिजली मुहैया करवाई जा रही है।  प्रदेश की कुल बिजली का 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा कृषि क्षेत्र में दिया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा ने प्रदेश में पांच हजार मैगावाट बिजली पैदा करने की योजनाएं शुरू करवाई जिनमें झाड़ली में 1500 मैगावाट का इन्दिरा गांधी सुपर पावर प्लांट, हिसार के खेदड़ में 1200 मैगावाट का कोयला आधारित सयंत्र शामिल है। जिनके निर्माण पर 12 हजार 229 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इन प्लांटों की ईकाईयों ने कार्य करना शुरू कर दिया है। इसी प्रकार से झज्जर के खानपुर गांव में 1320 की कोयला आधारित सयंत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिस पर 6600 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इसके साथ-साथ फतेहाबाद जिला के गोरखपुर गंाव में 2800 मैगावाट के परमाणु बिजली सयंत्र के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पारम्परिक स्त्रोतों के साथ-साथ हाईडल और अक्षय उर्जा व्यवस्था से भी अधिक से अधिक बिजली पैदा करने क ी योजनाएं तैयार की गई हैं।
    श्री महेन्द्र प्रताप ने कहा कि बिजली आज देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है। इसी को मध्यनजर रखते हुए राज्य सरकार ने बिजली उत्पादन पर विशेष जोर दिया है। एक प्रश्र के जवाब में उन्होंने तकनीकी शिक्षा बारे बताया कि 1966 में प्रदेश में जहां केवल मात्र 6 तकनीकी शिक्षण संस्थान थे जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 596 हो गए है। इन तकनीकी संस्थानों में 155 इंजीनियरिंग कालेज तथा 163 बहुतकनीकी संस्थान हैं। इसके अलावा अन्य कई डिग्री व डिप्लोमा स्तर के संस्थान हैं। इन तकनीकी संस्थानों में 490 निजि क्षेत्र के और 62 सरकारी क्षेत्र के संस्थान शामिल हैं। तकनीकी शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में पहले मात्र दो अंकों की राशि का बजट रखा जाता था इस वर्ष तकनीकी शिक्षा के लिए 171 करोड़ रुपए का योजनागत बजट रखा गया है।
     इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधायक मनीराम केहरवाला, प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि होशियारी लाल शर्मा व अन्य स्थानीय नेतागण थे।


सिरसा, 29 अप्रैल : हरियाणा के बिजली एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री महेन्द्र प्रताप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को समयबद्ध  लागू करें ताकि इन योजनाओं व कार्यक्रमों का आमजन को लाभ मिल सके।
    श्री महेन्द्र प्रताप स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में  अपने प्रथम दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को औपचारिक रूप से सम्बोधित कर रहे थे। 
    उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में सरकार के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों  की महत्वपूर्ण
भूमिक ा होती है। सरकार के स्तर पर प्रदेश की जनता के लिए विकासोन्मुखी एवं कल्याणकारी योजनाएं तैयार की जाती हैं जिन्हें प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा क्रियान्वयन करना होता है। इसलिए इस प्रक्रिया में अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्य को मेंहनत, ईमानदारी निष्ठा एवं पूरी पारदर्शिता से निभाएं तो निश्चित रूप से सरकार और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और ज्यादा प्रगाढ़ होगा।
    श्री महेन्द्र प्रताप ने कहा कि वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी और विकासकारी नीतियों की बदौलत आज हरियाणा प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में एक नम्बर का प्रदेश बन चुका है। प्रदेश की प्रगति को देखते हुए व्यापारियों व पूंजीनिवेशक हरियाणा की ओर आकर्षित हुए हैं। वर्तमान सरकार के 6 वर्ष के कार्यकाल में राज्य में 53 हजार करोड़ रुपए का पूंजीनिवेश हो चुका है जिसमें से 9400 करोड़ निवेश विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के माध्यम से हुआ है। उन्होंने बैठक में बिजली वितरण की व्यवस्था को स्पष्ट करते हुए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बिजाई के समय कृषि क्षेत्र में अधिक से अधिक बिजली देने का प्रयास करें। इसके साथ-साथ घरेलू क्षेत्र में भी पर्याप्त मात्रा में बिजली सप्लाई करें। यदि शैडयूल के मुताबिक थोड़ा बहुत कट करना पड़े तो रात की बजाय दिन के समय में बिजली कट करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को मध्यनजर रखते हुए सरकार के स्तर पर बिजली आपूर्ति के पर्याप्त प्रबन्ध किए गए हैं।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच हजार मैगावाट बिजली पैदा करने की योजनाएं शुरू करवाई गई है जिनमें झाड़ली में 1500 मैगावाट का इन्दिरा गांधी सुपर पावर प्लांट, हिसार के खेदड़ में 1200 मैगावाट का कोयला आधारित सयंत्र शामिल है। जिनके निर्माण पर 12 हजार 229 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इसी प्रकार से झज्जर के खानपुर गांव में 1320 की कोयला आधारित सयंत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिस पर 6600 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इसके साथ-साथ फतेहाबाद जिला के गोरखपुर गंाव में 2800 मैगावाट के परमाणु बिजली सयंत्र के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पारम्परिक स्त्रोतों के साथ-साथ हाईडल और अक्षय उर्जा व्यवस्था से भी अधिक से अधिक बिजली पैदा करने क ी योजनाएं तैयार की गई हैं।
    बिजली एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि विकास के लिए आज हरियाणा में किसी प्रकार से भी धन की कमी नहीं है। वर्तमान सरकार से पूर्व 2004-05 में राज्य का योजनागत बजट जहां मात्र 2200 करोड़ रुपए था ।  अब वर्तमान सरकार में 2011-12 में वार्षिक योजनागत खर्च के लिए 20 हजार 358 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार के विकासोन्मुखी बजट से प्रदेश के हर क्षेत्र में प्रगति के रास्ते खुलेंगे और हरियाणा हर क्षेत्र में देश का एक नम्बर का प्रदेश होगा। इससे पूर्व उपमण्डल अधिकारी ना0 सिरसा श्री रोशनलाल ने बिजली मंत्री श्री महेन्द्र प्रताप का प्रशासन की तरफ से औपचारिक स्वागत किया। इस बैठक में पूर्व विधायक श्री मनीराम केहरवाला ने भी बिजली मंत्री का स्वागत किया। बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि श्री होशियारी लाल शर्मा व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।